भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष यात्रा के बाद धरती पर लौटे, कैलिफोर्निया के समुद्र में हुआ सफल स्प्लैशडाउन

भारत के लिए गर्व का क्षण है। वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अपनी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा के बाद सकुशल धरती पर लौट आए हैं। करीब 20 दिन अंतरिक्ष में बिताने और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 18 दिन रहने के बाद उनका यान आज सुबह अमेरिका के कैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन हुआ। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट का यह कैप्सूल शुभांशु और उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर लौटा।
#WATCH | Axiom-4 Mission | Lucknow, UP: Group Captain Shubhanshu Shukla’s family rejoices and celebrates as he and the entire crew return to the earth after an 18-day stay aboard the International Space Station (ISS) pic.twitter.com/S8TuJk95D7
— ANI (@ANI) July 15, 2025
शुभांशु शुक्ला का स्पेसक्राफ्ट सोमवार शाम लगभग 4:45 बजे ISS से अनडॉक हुआ था, जिसके बाद वापसी की यह लंबी और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण यात्रा शुरू हुई। तय समय पर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हुए यान ने कैलिफोर्निया के पास समुद्र में सटीक स्प्लैशडाउन किया। जैसे ही यह खबर सामने आई, पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया से लेकर खबरिया चैनलों तक हर जगह बस एक ही नाम गूंज रहा था—शुभांशु शुक्ला।
लखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला का यह अंतरिक्ष मिशन भारत के लिए बेहद खास रहा। उनके माता-पिता इस ऐतिहासिक पल को लाइव देखने के लिए लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल पहुंचे थे। स्कूल वही है जहां शुभांशु ने अपनी शुरुआती पढ़ाई की थी। उनके माता-पिता इस उपलब्धि पर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
#WATCH | Axiom-4 Mission | Lucknow, UP: Group Captain Shubhanshu Shukla’s family rejoices and celebrates as he and the entire crew return to the earth after an 18-day stay aboard the International Space Station (ISS) pic.twitter.com/S8TuJk95D7
— ANI (@ANI) July 15, 2025
शुभांशु की सकुशल वापसी की खुशी में उनके घर पर सुंदरकांड का पाठ भी कराया गया। उनकी मां आशा शुक्ला ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “हम सुबह मंदिर गए और बेटे के लिए भगवान हनुमान से प्रार्थना की। हमें अपने बेटे पर गर्व है। उसका नाम अब इतिहास में दर्ज हो चुका है। हम उसकी वापसी के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, और आज का दिन हमारे लिए सबसे बड़ा तोहफा है।”
VIDEO | Axiom-4 mission: “I am glad that the undocking process has completed. I pray to God for his safe return to Earth,” says Asha Shukla, mother of Group Captain Shubhanshu Shukla.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/4gcBaJxWfh
— Press Trust of India (@PTI_News) July 14, 2025
शुभांशु शुक्ला का यह मिशन भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है। उन्होंने न केवल अंतरिक्ष में भारत की उपस्थिति को सशक्त किया, बल्कि देश के युवाओं के लिए भी एक नई प्रेरणा बनकर उभरे हैं। उनकी यह यात्रा यह साबित करती है कि समर्पण, मेहनत और विज्ञान में विश्वास के बल पर भारत अंतरिक्ष की ऊंचाइयों को छू सकता है।
अब जब शुभांशु शुक्ला धरती पर लौट आए हैं, तो देश भर से उन्हें बधाइयों का तांता लग गया है। विज्ञान एवं तकनीकी जगत से लेकर आम नागरिकों तक, हर कोई इस गौरवपूर्ण क्षण का जश्न मना रहा है। यह दिन भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक मील का पत्थर साबित होगा।





