विदेश

ईरान में हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय एयरलाइनों की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित

नई दिल्ली, 15 जनवरी 2026 – ईरान द्वारा अचानक अपना हवाई क्षेत्र बंद कर देने के कारण गुरुवार को एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट की कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बाधित हो गईं. यह कदम देश में जारी बड़े पैमाने के विरोध प्रदर्शनों और क्षेत्रीय तनाव के बीच उठाया गया है.

विमान कंपनियों ने जारी की एडवाइजरी

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि ईरान के हवाई क्षेत्र के अप्रत्याशित बंद होने से उनकी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं. कंपनी ने यात्रियों से अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांचने और रीबुकिंग या रिफंड के विकल्पों की जानकारी लेने का अनुरोध किया.

एयर इंडिया ने भी बताया कि ईरान की स्थिति को देखते हुए और यात्रियों की सुरक्षा के लिए, उस क्षेत्र से गुजरने वाली फ्लाइटें अब वैकल्पिक मार्ग से जा रही हैं, जिससे उड़ानों में देरी हो सकती है. जहां रीरूटिंग संभव नहीं है, वहां कुछ उड़ानें रद्द की जा रही हैं.

स्पाइसजेट ने भी यात्रियों को सलाह दी कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करें और आवश्यक जानकारी के लिए कंपनी की हेल्पलाइन से संपर्क करें.

ट्रंप का दावा: प्रदर्शनकारियों की हत्या रुकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में कहा कि उन्हें “विश्वसनीय सूत्रों” से सूचना मिली है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुक गई हैं और फांसी की कोई योजना नहीं है.

ट्रंप ने कहा, “हमें बताया गया है कि ईरान में हत्याएं रुक रही हैं – बंद हो गई हैं. और फांसी की कोई योजना नहीं है. मुझे इसकी अच्छी जानकारी दी गई है.” हालांकि, उन्होंने इन सूचनाओं के स्रोत के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी.

इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है, तो अमेरिका “बहुत कठोर कार्रवाई” करेगा.

इटली ने अपने नागरिकों से देश छोड़ने की अपील की

इटली ने बुधवार को अपने नागरिकों से ईरान की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए देश छोड़ने की कड़ी अपील की. इटली के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समय ईरान में लगभग 600 इतालवी नागरिक हैं, जिनमें से अधिकतर तेहरान क्षेत्र में रह रहे हैं.

विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस क्षेत्र में इतालवी सशस्त्र बलों के 900 से अधिक सदस्य तैनात हैं, जिनमें इराक में लगभग 500 और कुवैत में 400 कर्मी शामिल हैं, जहां सैन्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं.

इरफान सुल्तानी की फांसी स्थगित

मानवाधिकार संगठनों ने पुष्टि की है कि 26 वर्षीय ईरानी प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी की फांसी स्थगित कर दी गई है. नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन हेंगॉ ने बुधवार को बताया कि सुल्तानी की फांसी को टाल दिया गया है.

सुल्तानी को पिछले सप्ताह तेहरान के पश्चिम में स्थित फर्दिस शहर में विरोध प्रदर्शनों के संबंध में गिरफ्तार किया गया था. अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि ईरानी अधिकारियों ने 14 जनवरी को उनकी फांसी की योजना बनाई थी.

हालांकि, मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि सुल्तानी के जीवन को लेकर गंभीर और लगातार चिंता बनी हुई है. सुल्तानी को वकील की सुविधा नहीं दी गई और उन्हें मृत्युदंड दिए जाने से पहले कोई उचित सुनवाई नहीं मिली.

भारत सरकार की एडवाइजरी

भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को ईरान में बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अगले आदेश तक ईरान की यात्रा से बचने की कड़ी सलाह दी. तेहरान में भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है.

विदेश मंत्रालय ने 5 जनवरी को भी इसी तरह की एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें गैर-आवश्यक यात्रा से बचने के लिए कहा गया था.

अन्य देशों ने भी जारी की चेतावनी

ईरान के हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद जर्मनी ने अपनी एयरलाइनों को ईरानी हवाई क्षेत्र से बचने की चेतावनी दी. लुफ्थांसा ने भी अपने मध्य पूर्व संचालन में बदलाव किया है. अमेरिका पहले से ही अपनी वाणिज्यिक एयरलाइनों को ईरान के ऊपर से उड़ान भरने से प्रतिबंधित करता है.

फ्लाईदुबई और तुर्किश एयरलाइंस ने भी पिछले सप्ताह ईरान जाने वाली कई उड़ानें रद्द की थीं. विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवधान कई दिनों या हफ्तों तक जारी रह सकता है, जो क्षेत्र में राजनयिक स्थिति पर निर्भर करेगा.

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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