भारत में इस साल गर्मी से राहत, पर अप्रैल में बारिश और तूफानों का अलर्ट: IMD रिपोर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल गर्मी के मौसम (अप्रैल से जून) में भारतीयों को भीषण लू (Heatwave) से थोड़ी राहत मिल सकती है। IMD ने संकेत दिया है कि इस साल देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।
अप्रैल में दिखेगा मौसम का ‘रौद्र’ रूप
भले ही गर्मी कम रहने की उम्मीद हो, लेकिन अप्रैल का महीना काफी उथल-पुथल भरा हो सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में तीव्र गरज-चमक और भारी बारिश हो सकती है।
1. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances): रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल के पहले हफ्ते में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित करेंगे, जिससे धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना है।
2. फसलों पर संकट: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों (जैसे गेहूं) को भारी नुकसान हो सकता है।
रातें रहेंगी गर्म, पर दिन में मिलेगी राहत
IMD के महानिदेशक एम. महापात्रा के अनुसार, बादलों की आवाजाही और नमी के कारण दिन का तापमान तो कम रहेगा, लेकिन रात का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है। बादल जमीन की गर्मी को सोख लेते हैं, जिससे रातें उमस भरी हो जाती हैं।
अल नीनो (El Nino) और मानसून का गणित
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में स्थितियां ‘न्यूट्रल’ हैं, लेकिन जुलाई के आसपास अल नीनो के विकसित होने की 80% संभावना है। आमतौर पर अल नीनो का संबंध कमजोर मानसून और सूखे से होता है। हालांकि, IMD अप्रैल के मध्य में मानसून का पहला आधिकारिक अनुमान जारी करेगा।
इस साल की गर्मी पिछले सालों जैसी झुलसाने वाली नहीं होगी, लेकिन बेमौसम बारिश और आने वाले ‘अल नीनो’ के प्रभाव पर नजर रखना जरूरी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी के आधार पर ही अपनी फसलों की कटाई का निर्णय लें।





