Gaza Peace Initiative: गाजा में क्या होगी भारत की भूमिका? विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दिए संकेत

गाजा शांति पहल (Gaza Peace Initiative) और युद्ध के बाद संभावित पुनर्निर्माण को लेकर भारत की भूमिका पर बड़ा संकेत मिला है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की इज़राइल यात्रा के दौरान विदेश सचिव Vikram Misri ने स्पष्ट कहा कि भारत गाजा में अपनी भूमिका देखता है, लेकिन अंतिम निर्णय ज़मीनी हालात पर निर्भर करेगा।
“भारत एक भूमिका देखता है”
प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में विक्रम मिस्री ने कहा, “हाँ, हम एक भूमिका देखते हैं। वह भूमिका क्या होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि गाजा में स्थिति आगे कैसे विकसित होती है।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास ऐसी विशिष्ट क्षमताएं हैं, जो मौजूदा हालात में उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन इस समय किसी विशेष क्षेत्र को लेकर अटकलें लगाना उचित नहीं होगा।
गाजा में भारत की भूमिका पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा ज़मीन पर हालात स्पष्ट होने के बाद भारत सही समय पर योगदान देगा। फिलिस्तीनी समुदायों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण में भारत पहले से कई परियोजनाएँ चला रहा है।#India #Gaza #VikramMisri #Palestine pic.twitter.com/i4EjL7QTpY
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) February 26, 2026
फिलिस्तीनी समुदायों के लिए 170 मिलियन डॉलर की परियोजनाएं
विदेश सचिव के अनुसार, भारत पहले से ही फिलिस्तीनी समुदायों के लाभ के लिए लगभग 170 मिलियन डॉलर की परियोजनाएं लागू कर रहा है। इसके अलावा करीब 40 मिलियन डॉलर की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।
गाजा शांति पहल आगे बढ़ी तो भारत तैयार
मिस्री ने कहा कि यदि गाजा शांति पहल आगे बढ़ती है, तो उसके परिणामस्वरूप जो भी ज़रूरतें सामने आएंगी, भारत सही समय पर ज़मीनी स्तर पर योगदान देने की क्षमता रखता है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय किसी तैनाती, पुनर्निर्माण योजना या विशिष्ट हस्तक्षेप को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।





