भारत को मिला दूसरा GE-404 इंजन, एलसीए मार्क 1ए की उड़ान को मिलेगा और बल

भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) ‘तेजस’ कार्यक्रम को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से सोमवार को दूसरा GE-404 इंजन भारत पहुंच गया है, जिसे HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) द्वारा बनाए जा रहे एलसीए मार्क 1ए विमानों में लगाया जाएगा।
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने जानकारी दी कि एलसीए मार्क 1ए परियोजना को तय समयसीमा पर पूरा करने के लिए यह एक अहम कदम है। भारत को चालू वित्त वर्ष के अंत तक अमेरिका से कुल 12 GE-404 इंजन मिलने की उम्मीद है। इनमें से पहला इंजन पहले ही आ चुका था, जबकि दूसरा अब हाल ही में प्राप्त हुआ है। आने वाले महीनों में बाकी इंजन भी भारत पहुंचने की संभावना है।
रक्षा अधिकारी के मुताबिक भारतीय वायु सेना ने HAL को अब तक 83 एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है। इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय की ओर से 97 और अतिरिक्त एलसीए मार्क 1ए खरीदने का प्रस्ताव भी लगभग अंतिम मंजूरी की ओर बढ़ रहा है। यदि यह प्रस्ताव पारित होता है, तो यह न केवल वायुसेना की ताकत को बढ़ाएगा बल्कि भारत के रक्षा क्षेत्र को भी आत्मनिर्भरता की दिशा में और मजबूती देगा।
एलसीए मार्क 1ए पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित किया गया लड़ाकू विमान है, जिसमें आधुनिक एवियोनिक्स, रडार, हथियार प्रणाली और बेहतर मेंटेनेंस सुविधाएं शामिल हैं। GE-404 इंजन इन विमानों को आवश्यक थ्रस्ट और प्रदर्शन क्षमता प्रदान करते हैं।
इस इंजन आपूर्ति से स्पष्ट है कि अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग लगातार गहराता जा रहा है। HAL और GE के बीच पहले ही समझौता हो चुका है जिसके तहत भविष्य में कुछ इंजनों का निर्माण भारत में भी किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया से भारत की स्वदेशी लड़ाकू विमान निर्माण क्षमता को मजबूती मिलने के साथ ही घरेलू एयरोस्पेस इंडस्ट्री को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।





