1xBet मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, कई नामी हस्तियों की करोड़ों की संपत्ति जब्त

अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप 1xBet के खिलाफ चल रही जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने शीर्ष क्रिकेटरों, अभिनेताओं और मॉडलों की करीब 7.93 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। इसके साथ ही अब तक इस मामले में कुल 19.86 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। ED ने जून महीने से इस मामले में कई नामी हस्तियों से पूछताछ की है। इनमें पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, शिखर धवन, सुरेश रैना और अभिनेता नेहा शर्मा, मिमी चक्रवर्ती शामिल हैं।
ED ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि युवराज सिंह की कंपनी Yuvraj Singh Wellness and Health Centre Pvt Ltd की 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। वहीं अभिनेता सोनू सूद की1 करोड़ रुपये, नेहा शर्मा की 1.26 करोड़ रुपये और मिमी चक्रवर्ती की करीब 59 लाख रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। इसके अलावा उर्वशी रौतेला की मां के नाम दर्ज एक संपत्ति, जिसकी कीमत 2.02 करोड़ रुपये है, उसे भी जब्त किया गया है।
ED के मुताबिक, युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा, उर्वशी रौतेला, सोनू सूद, मिमी चक्रवर्ती, अंकुश हजरा और नेहा शर्मा की चल और अचल संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत अस्थायी रूप से अटैच किया गया है। इससे पहले अक्टूबर में ED ने शिखर धवन और सुरेश रैना की 11.14 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की थी। ED की यह जांच 1xBet से जुड़े ऑपरेटर्स के खिलाफ दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू हुई है। जांच में सामने आया है कि 1xBet और इसके सरोगेट ब्रांड जैसे 1xBat और 1xbat Sporting Lines भारत में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए को बढ़ावा दे रहे थे।
ED की जांच में खुलासा हुआ है कि इन हस्तियों ने जानबूझकर विदेशी कंपनियों के साथ एंडोर्समेंट डील की और 1xBet के सरोगेट ब्रांड्स का प्रचार किया। इसके बदले उन्हें विदेशी माध्यमों से भुगतान किया गया, ताकि अवैध कमाई के स्रोत को छिपाया जा सके। यह पैसा अवैध सट्टेबाजी से जुड़े प्रोसीड्स ऑफ क्राइम से संबंधित बताया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि 1xBet भारत में बिना अनुमति के काम कर रहा था और सोशल मीडिया, ऑनलाइन वीडियो और प्रिंट विज्ञापनों के जरिए भारतीय यूजर्स को निशाना बना रहा था। एंडोर्समेंट के भुगतान को विदेशी बिचौलियों के जरिए कई स्तरों में घुमाया गया, ताकि पैसे का असली स्रोत छिपाया जा सके।
ED ने कहा है कि अवैध सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्म देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल होते हैं। आम लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन या विज्ञापन की जानकारी जांच एजेंसियों को दें।
साथ ही, सेलिब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को चेतावनी दी गई है कि अवैध सट्टेबाजी या जुआ प्लेटफॉर्म का प्रचार करना कानूनन अपराध है और इस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।





