हुवावे का बड़ा दांव: नई AI और चिप तकनीक से एनवीडिया को सीधी चुनौती

चीन की दिग्गज टेक कंपनी हुवावे टेक्नोलॉजीज़ ने गुरुवार को मेमोरी चिप्स से लेकर एआई एक्सीलरेटर तक कई नई तकनीकें पेश कीं। कंपनी ने पहली बार अपने बहुवर्षीय (मल्टी-ईयर) प्लान का खुलासा किया है, जिसका मकसद तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बाजार में अमेरिकी कंपनी एनवीडिया के दबदबे को चुनौती देना है।
कंपनी के रोटेटिंग चेयरमैन एरिक सू के मुताबिक, हुवावे के नए सुपरपॉड क्लस्टर डिज़ाइन 15,488 तक के एसेन्ड न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट्स (NPUs) को आपस में जोड़कर एक सिस्टम की तरह काम करने में सक्षम होंगे। यह उत्पाद अगले साल से हुवावे की नई पीढ़ी की एसेन्ड चिप्स पर आधारित होंगे। हुवावे ने बताया कि उसका अगली पीढ़ी का एसेन्ड 950 सीरीज अपने ही डिज़ाइन किए गए हाई-बैंडविड्थ मेमोरी के साथ आएगा। कंपनी 2027 के आखिर में एसेन्ड 960 और 2028 के अंत तक एसेन्ड 970 मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है।
फॉरेस्टर रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट चार्ली दाई ने कहा, “यह चीन के एआई चिपसेट उद्योग के लंबे सफर में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह सिस्टम डिज़ाइन, इंटरकनेक्ट टेक्नोलॉजी और लोकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में प्रगति को दर्शाता है। यह आत्मनिर्भरता और लचीलापन बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।”
चीन सरकार ने हाल ही में अपने बड़े टेक कंपनियों को एनवीडिया के RTX Pro 6000D ग्राफिक्स कार्ड का इस्तेमाल न करने की सलाह दी थी। यह कदम चीन को एनवीडिया हार्डवेयर से अलग कर घरेलू विकल्पों को बढ़ावा देने की कोशिश है। हुवावे के अनुसार, उसका नया एटलस 950 सुपरपॉड एनवीडिया के आने वाले NVL144 सिस्टम्स से 6.7 गुना ज्यादा कंप्यूटिंग पावर देगा। कंपनी नए सुपरपॉड टेक्नोलॉजी के आधार पर लगभग 10 लाख ग्राफिक्स कार्ड का सुपर क्लस्टर बनाने की भी तैयारी कर रही है।
हुवावे के संस्थापक रेन झेंगफेई ने हाल ही में कहा था कि एक चिप से उत्पादन के मामले में कंपनी अभी अमेरिका से पीछे है, लेकिन क्लस्टर-बेस्ड कंप्यूटिंग के जरिए वह वांछित नतीजे हासिल कर सकती है। यह आक्रामक रणनीति चीन की एआई चिप लीडर को अपनी मौजूदा क्षमताओं से अधिक प्रदर्शन निकालने में मदद कर रही है। हालांकि निर्माण (फैब्रिकेशन) में कंपनी अभी सीमित है क्योंकि उन्नत मशीनरी पर अमेरिका के व्यापारिक प्रतिबंध लागू हैं।
इस बीच, अलीबाबा और बाइडू जैसी चीनी कंपनियां भी अपने इन-हाउस चिप डिज़ाइन को मजबूत कर रही हैं। वहीं, चीन की एआई चिप कंपनी कैम्ब्रिकॉन टेक्नोलॉजीज़ का मार्केट वैल्यू इस साल तेजी से बढ़ा है।
एनवीडिया के H20 चिप को लेकर भी चीन में कंपनियों को इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है। हालांकि यह औपचारिक बैन नहीं है, लेकिन इसका असर साफ दिख रहा है। एनवीडिया को अमेरिकी सरकार से एक्सपोर्ट की मंजूरी मिलने के बावजूद उसने अब तक H20 शिपमेंट नहीं की है। इससे चीनी बाजार में घरेलू चिपमेकर्स जैसे हुवावे और कैम्ब्रिकॉन के लिए बड़ा अवसर बन रहा है।





