एल मेन्चो को पकड़वाने में उसकी गर्लफ्रेंड कैसे बनी सबसे बड़ा सुराग

मेक्सिको के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वांतेस, जिसे “एल मेन्चो” कहा जाता था, को सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन में मार गिराया। यह जानकारी मेक्सिको सरकार ने सोमवार को दी। मेक्सिको के रक्षा मंत्री ने बताया कि इस ऑपरेशन में अमेरिका से मिली खुफिया जानकारी की भी मदद ली गई। एल मेन्चो अपने ही राज्य जालिस्को में छिपा हुआ था।
कैसे मिला एल मेन्चो का पता
सुरक्षा एजेंसियों को एल मेन्चो तक पहुंचने का सुराग उसकी गर्लफ्रेंड से मिला। सेना उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। महिला टैपाल्पा इलाके में उससे मिलने गई थी। इसी दौरान उसकी सही लोकेशन की पुष्टि हो गई। महिला के वहां से जाने के बाद सेना ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई।
तड़के शुरू हुई कार्रवाई
रविवार सुबह सेना और नेशनल गार्ड ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया। हेलीकॉप्टर और विशेष कमांडो भी तैनात किए गए। जैसे ही सुरक्षाबल आगे बढ़े, कार्टेल के लोगों ने भारी गोलीबारी शुरू कर दी। एल मेन्चो अपने दो बॉडीगार्ड्स के साथ भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन जंगल के पास उसे पकड़ लिया गया।
अस्पताल ले जाते समय मौत
मुठभेड़ में एल मेन्चो और उसके दो अंगरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही तीनों की मौत हो गई। इस पूरे ऑपरेशन और इसके बाद हुई हिंसा में करीब 70 लोगों की जान चली गई, जिनमें जवान, कार्टेल के सदस्य और कुछ आम लोग भी शामिल हैं।
हिंसा और हथियार
मौके से रॉकेट लॉन्चर और कई बड़े हथियार बरामद किए गए। एल मेन्चो के मारे जाने के बाद उसके गिरोह ने कई इलाकों में आगजनी और हमले किए, लेकिन बाद में सेना ने उसके एक बड़े साथी को भी ढेर कर दिया।
सरकार अलर्ट पर
सरकार का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और हिंसा रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एल मेन्चो की मौत को मेक्सिको और अमेरिका—दोनों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।





