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पंजाब में बाढ़ का कहर, अब तक 48 की मौत, PM मोदी मंगलवार को करेंगे दौरा

पंजाब में आई भीषण बाढ़ से हालात बेहद खराब हैं। दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं और हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं। सेना युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य कर रही है। बचाव अभियान में भारतीय सेना के साथ NDRF, BSF, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। कई स्थानीय लोग, सामाजिक संगठन और कुछ फिल्मी सितारे भी मदद के लिए आगे आए हैं। सेना ने दर्जनों टीमों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया है।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (9 सितंबर) को पंजाब का दौरा करेंगे और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो हाल ही में थकान और लो हार्ट रेट की वजह से अस्पताल में भर्ती थे, लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं।

पंजाब में दशकों बाद इतनी बड़ी बाढ़ आई है। इसका कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का उफान और पहाड़ों में हुई भारी बारिश बताई जा रही है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश के बाद नदियों और नालों में पानी बढ़ गया। रविवार को कुछ नदियों और बांधों में पानी का स्तर थोड़ा घटा है, लेकिन हालात अब भी गंभीर हैं। अधिकारियों के मुताबिक, रविवार तक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। करीब 1.76 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं।

शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि सभी निजी स्कूल 8 सितंबर से और सरकारी स्कूल 9 सितंबर से खुल जाएंगे। जहां पानी भरा होगा, वहां स्कूल बंद रखने का फैसला जिला प्रशासन करेगा। रविवार को पोंग डैम का पानी दो फीट घटकर 1,392.20 फीट तक पहुंचा, लेकिन यह अब भी तय सीमा से दो फीट ज्यादा है। भाखड़ा डैम का जलस्तर रविवार को 1,677.98 फीट दर्ज किया गया। बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है ताकि दबाव कम हो सके।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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