प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सेवा तीर्थ में पहली बैठक

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में मंगलवार (24 फरवरी 2026) को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में यह संकल्प लिया गया कि इस नए भवन में लिया जाने वाला हर फैसला देश के 140 करोड़ नागरिकों की सेवा भावना से प्रेरित होगा और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा रहेगा।
मंत्रिमंडल ने कहा कि सरकार के लिए संवैधानिक मूल्य केवल औपचारिक शब्द नहीं हैं, बल्कि वही नैतिक आधार हैं जो शासन को हर नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ते हैं। ‘सेवा तीर्थ’ में कार्य संस्कृति ऐसी होगी, जहां हर नीति संविधान की मूल भावना के अनुरूप बनेगी और हर निर्णय जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह रहेगा।
बैठक में पारित ‘सेवा संकल्प’ प्रस्ताव में कहा गया कि यह नया भवन और यहां से लिया जाने वाला हर निर्णय नए भारत के पुनर्निर्माण का प्रतीक है। बयान में कहा गया कि स्वतंत्रता के बाद कई दशकों तक सरकार ने साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय से काम किया। अब ‘सेवा तीर्थ’ उस सोच का साकार रूप है, जिसमें भारत की सोच स्वदेशी, स्वरूप आधुनिक और क्षमता असीमित हो। इसे लोकतंत्र की जननी भारत के गौरव को बढ़ाने वाला कदम बताया गया।
इस पहली बैठक में कई अहम फैसले भी लिए गए। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने श्रीनगर हवाई अड्डे पर लगभग 1,677 करोड़ रुपये की लागत से सिविल एन्क्लेव विकसित करने को मंजूरी दी। इसके अलावा रेल मंत्रालय की तीन परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई, जिनकी कुल लागत करीब 9,072 करोड़ रुपये है।
मंत्रिमंडल ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 275 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। साथ ही, पावरग्रिड के लिए इक्विटी निवेश की सीमा 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपये प्रति सहायक कंपनी करने को भी मंजूरी दी गई है, ताकि वह बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स में भाग ले सके।
इसके अतिरिक्त गुजरात मेट्रो के मौजूदा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर को गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक 3.33 किलोमीटर बढ़ाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है।
कुल मिलाकर, ‘सेवा तीर्थ’ में हुई यह पहली बैठक सेवा, जवाबदेही और विकास के नए संकल्प के साथ नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।





