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फैक्ट चेक: छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने पार्टी के 85वें अधिवेशन में कांग्रेस नेताओं का सोने की माला से नहीं किया स्वागत, फर्जी दावा हुआ वायरल

फैक्ट चेक: छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने पार्टी के 85वें अधिवेशन में कांग्रेस नेताओं का सोने की माला से नहीं किया स्वागत, फर्जी दावा हुआ वायरल

 

हाल ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी का 85वां तीन दिवसीय महाधिवेशन का आयोजन हुआ था। जहां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पार्टी के सभी नेताओं का स्वागत माला पहना कर किया था। इसी स्वागत से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सीएम भूपेश बघेल ने सभी नेताओं का स्वागत सोने की चेन वाली माला से किया।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को, ‘लगता है छत्तीसगढ़ में आलू से सोना बहुत ज़्यादा बन गया है!!!* इस लिए छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री महोदय ने सभी कोन्ग्रेसी अतिथियों का स्वागत सोने की चैन पहना कर किया!!! परंम्परागत तो ..हाथ जोड़ कर टिका लगा कर फुल या गांधीवादी सुती की माला से स्वागत होता है‘……

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वीडियो के साथ फर्जी दावा किया जा रहा है, जिस माला को सोने की माला बताया जा रहा है वह दरअसल, सोने की नहीं बांस से बनी है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ शेयर किए जा रहे दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने गूगल पर पहले मामले से जुड़े कुछ संबंधित कीवर्ड्स के माध्यम से गूगल पर खोजा। इस दौरान हमें नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर इस मामले से संबंधित फरवरी 25, 2023 को छपी एक खबर मिली।

खबर के मुताबिक छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीते शुक्रवार से कांग्रेस का 85वां महा अधिवेशन शुरू हुआ था। यहाँ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का माला पहनाकर स्वागत किया था। लेख में आगे बताया गया था कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल देशभर के कांग्रेस के नेताओं के गले में स्वागत के साथ जो माला पहना रहे थे वह माला बांस के पेड़ से बनी हुई थी।  लेख में आगे सीएम भूपेश बघेल के हवाले बताया गया है कि यह छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्र बस्तर के कांकेर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बनने वाली बांस की माला है।

उपरोक्त प्राप्त लेख में मिली जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें ट्विटर पर सीएम भूपेश बघेल द्वारा इसी मामले को लेकर किया गया ट्वीट मिला। ट्वीट में एक वीडियो अपलोड कर उस माले की जानकारी दी जा रही है, जिसे सोने का बताया जा रहा था। भूपेश बघेल ने ट्वीट में लिखा कि ‘ “झूठ बोलो, बार-बार झूठ बोलो, जितना ज़ोर से बोल सकते हो, उतना बोलो”.. इस सूत्र पर चलने वाले इस अनमोल तोहफे का भी अपमान कर रहे हैं, साथ ही प्रकृति पुत्रों/पुत्रियों की कला और छत्तीसगढ़ की संस्कृति का भी। आख़िर छत्तीसगढ़ के लोगों, यहाँ की संस्कृति से भाजपा को इतनी नफ़रत क्यों है?’

वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि सोने जैसी दिखने वाली माला को बांस का इस्तेमाल कर कैसे बनाया जा रहा है।  

 

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो में जिस माला को सोने की चेन बताया जा रहा है वह असल में बांस के पेड़ से बनी हुई थी।

 

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