दिल्ली में ई-चालान की वसूली सबसे कम, सरकार सख्त कार्रवाई की तैयारी में

नई दिल्ली: दिल्ली में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लाखों चालान काटे जा रहे हैं, लेकिन इनके भुगतान की दर बेहद कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में सिर्फ 14% चालानों की ही वसूली हो पाई है, जो पूरे देश में सबसे कम है।
अब तक 5.3 करोड़ ई-चालान, जिनकी कुल कीमत ₹4,468 करोड़ है, जारी किए जा चुके हैं। लेकिन इनमें से सिर्फ ₹645 करोड़ ही सरकार को मिल पाया है। दूसरे राज्यों की तुलना करें तो कर्नाटक में 21% चालान की वसूली हुई है, जबकि राजस्थान 76% रिकवरी के साथ सबसे आगे है।
सरकार अब चालान न भरने वालों पर सख्त कार्रवाई की योजना बना रही है। प्रस्तावित नियमों के तहत, यदि कोई व्यक्ति चालान जारी होने के तीन महीने के भीतर भुगतान नहीं करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निलंबित किया जा सकता है।
इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति तीन बार रेड लाइट जंप या खतरनाक ड्राइविंग का दोषी पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस कम से कम तीन महीने के लिए जब्त किया जा सकता है। साथ ही, सरकार चालान न भरने वालों के लिए बीमा प्रीमियम (इंश्योरेंस) बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, जिससे ऐसे वाहन चालकों को अगले वित्तीय वर्ष में अधिक बीमा राशि चुकानी पड़ेगी।
ये कड़े कदम ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करवाने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं।





