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अमेरिका से 119 भारतीयों का डिपोर्टेशन, अमृतसर में आज रात पहुंचेगा विमान

अमेरिका से 119 भारतीय प्रवासियों का एक और जत्था आज रात 10 से 11 बजे के बीच अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरने वाला है। इन सभी को अवैध रूप से अमेरिका में रहने या वीजा नियमों के उल्लंघन के चलते डिपोर्ट किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश पंजाब, हरियाणा और गुजरात के रहने वाले हैं।

पिछले 5 फरवरी को अमेरिका से 104 भारतीयों को सैन्य विमान में हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर लाया गया था। इस अमानवीय व्यवहार पर भारत में जमकर विरोध हुआ था और संसद तक में यह मामला उठा था। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस बार भी अमेरिका भारतीय नागरिकों को उसी तरह जकड़कर भेजेगा, या फिर मोदी सरकार की कूटनीतिक कोशिशों का असर दिखेगा? इन सभी पर आरोप है कि ये अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे थे या वीजा नियमों का उल्लंघन कर चुके थे।

पिछले जत्थे के मामले में विपक्ष ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने कहा था कि डिपोर्टेशन पहले भी होता था, लेकिन पहली बार भारतीय नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया गया। उन्होंने भारत सरकार से अमेरिका के सामने इस मुद्दे को सख्ती से उठाने की मांग की थी।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार भी अमेरिका ने इन भारतीयों को सैन्य विमान में भेजा है, या फिर कमर्शियल फ्लाइट से? यदि इस बार भी हथकड़ियों और बेड़ियों में लाया गया, तो यह भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक और विवादित मुद्दा बन सकता है।

हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या मोदी सरकार अमेरिका को यह समझाने में सफल रही कि भारतीय नागरिकों को इस तरह न भेजा जाए? डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए थे। उन्होंने पहले ही हफ्ते में विदेशी नागरिकों को जबरन निकालने के आदेश दिए थे। यही कारण है कि सैकड़ों भारतीयों को भी अमेरिका से डिपोर्ट किया जा रहा है।

अब सबकी निगाहें आज रात अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरने वाली फ्लाइट पर टिकी हैं। अगर इस बार भी भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में लाया गया, तो यह मोदी सरकार के लिए बड़ी कूटनीतिक चुनौती होगी। लेकिन अगर इस बार डिपोर्ट किए गए नागरिकों को सम्मानजनक तरीके से भेजा गया, तो यह मोदी सरकार की सफल कूटनीति का संकेत होगा।

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