Cyclonic Storm Montha: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलर्ट, तेज बारिश और बाढ़ का खतरा

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बने गहरे दबाव ने अब तेज़ी से Cyclonic Storm Montha का रूप ले लिया है, जिससे आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 26 में से 23 ज़िलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। आशंका जताई गई है कि यह तूफ़ान 28 अक्टूबर की शाम को मछिलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच, काकीनाडा के आसपास तट से टकरा सकता है। इस संभावित लैंडफॉल से पहले ही प्रशासन ने तैयारी तेज़ कर दी है।
भारी बारिश, तेज़ हवाओं और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और 144 से अधिक राहत केंद्र सक्रिय किए गए हैं। सोमा सीला बांध के जलप्रवाह पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि पानी का स्तर नियंत्रित रखा जा सके। ज़िला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने आश्वासन दिया है कि सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ तैयार है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।
इधर ओडिशा में भी Montha को लेकर स्थिति गंभीर मानी जा रही है। दक्षिणी ओडिशा में हाई अलर्ट जारी है और चीफ फायर ऑफिसर रमेश माजhi ने जानकारी दी है कि 123 राहत व बचाव टीमें तैनात कर दी गई हैं। गजपति ज़िले की कलेक्टर मधुमिता ने बताया कि लगातार माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। संवेदनशील और भूस्खलन-प्रवण ऊँचाई वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 166 गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई थी जिनमें से 91 को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से बात कर स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद सीएम ने रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (RTGS) से समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में पहले से मजबूत कदम उठाने, नहरों के किनारों को सुदृढ़ करने और किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विजयवाड़ा के NTR ज़िले के कलेक्टर डॉ. जी. लक्ष्मीशा ने बताया कि 118 रिहैबिलिटेशन सेंटर पूरी तरह तैयार हैं और पुराने भवनों व बड़े खतरनाक पेड़ों को हटाया जा रहा है। मेडिकल, कृषि, बिजली और फ़ायर विभाग की टीमें लगातार फील्ड में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह तैयार है और इस चक्रवात को अतिसावधानी और जिम्मेदारी के साथ संभाला जाएगा।
प्रशासन ने नागरिकों से घरों के भीतर रहने, समुद्र और नदी किनारों से दूरी बनाए रखने तथा किसी भी अफ़वाह पर ध्यान न देने की अपील की है। स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल भी तैनात किए जाएंगे।





