चक्रवात दितवाह का प्रकोप: तमिलनाडु–पुडुचेरी में तेज हवाएँ और बारिश

चक्रवात दितवाह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण–पश्चिम में लगभग 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि यह तूफान तमिलनाडु और पुडुचेरी की तटरेखा से 60 किमी, 50 किमी और कुछ क्षेत्रों में 25 किमी की दूरी तक पहुंच सकता है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
पुडुचेरी में समुद्री लहरों का वेग बढ़ा
पुडुचेरी में समुद्र का रुख उग्र होता दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी से सामने आए वीडियो में तेज हवाओं के साथ ऊंची समुद्री लहरें उठती दिखीं। कई पर्यटकों ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण उन्हें घूमने में दिक्कत हो रही है।
उत्तर प्रदेश से घूमने आए पर्यटक बंटी प्रसाद ने कहा, “हम कल ही पुडुचेरी आए थे, लेकिन चक्रवात की वजह से हो रही तेज बारिश ने सारा प्लान बिगाड़ दिया।”
तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश
IMD के अनुसार, चक्रवाती तूफान दित्वाह के कारण तमिलनाडु के चेंगलपट्टू सहित कई शहरों में मूसलाधार बारिश हो रही है। विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में दित्वाह उत्तरी तमिलनाडु–पुडुचेरी तटों के समानांतर गुजरते हुए आज (30 नवंबर) दोपहर से शाम तक तटरेखा के करीब—70 किमी से 30 किमी की दूरी पर—केंद्रित रहेगा।
मंदिरों और रिहायशी इलाकों में जलभराव
अरुलमिगु के वेदारण्येश्वर स्वामी मंदिर के गर्भगृह के बाहर पानी जमा हो गया है। मंदिर के पुजारी त्यागराजन ने बताया कि लगातार तीन दिनों से भारी बारिश के चलते मंदिर परिसर में पानी भर गया है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या कम हो गई है। पानी निकालने के लिए मोटर पंप लगाए गए हैं।
पर्यटक समुद्र तटों से दूर, यात्रा रद्द
पुडुचेरी आने वाले कई पर्यटक सुरक्षा कारणों से अपनी यात्रा बीच में ही छोड़कर लौटने का फैसला कर रहे हैं।
एक महिला पर्यटक ने बताया, “स्थानीय प्रशासन ने हमें चेतावनी दी है कि समुद्र के पास न जाएँ। स्थिति को देखते हुए हमने आज ही वापस लौटने का फैसला किया है।”
नेल्लोर में भी बारिश, हाई अलर्ट लागू
आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में दित्वाह का असर दिखने लगा है। कई सड़कों पर पानी भर गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
श्रीलंका में दित्वाह का कहर—153 की मौत
पड़ोसी देश श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह भारी तबाही मचा चुका है। तेज बारिश, बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 153 लोगों की मौत हो चुकी है, 191 से ज़्यादा लोग लापता हैं और पाँच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
श्रीलंका सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है। भारत ने “पड़ोसी पहले” नीति के तहत राहत और बचाव कार्यों में मदद भेजनी शुरू कर दी है।
तटीय राज्यों में सतर्कता जारी
भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश जैसे तटीय इलाकों में दित्वाह के असर से तेज हवाएँ चल रही हैं और समुद्र उफान पर है। मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।





