जयपुर में साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, 9 आरोपी गिरफ्तार, 10 करोड़ की ठगी का खुलासा

जयपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के दो होटलों में ठहरे साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। श्याम नगर और पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से 24 घंटे के भीतर इस गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 56 एटीएम कार्ड, 32 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 8 चेकबुक, 11 पासबुक, 8 सिम कार्ड, फर्जी कंपनी की सील और अन्य सामान जब्त किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये गिरोह एक साल में लगभग 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर चुका है। आरोपी ऑनलाइन गेम्स, सट्टा और शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। इसके लिए वे किराए पर बैंक खाते लेते थे और फर्जी कंपनियों के नाम से लेन-देन करते थे।
डीसीपी (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि इस गैंग के खिलाफ राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में साइबर पोर्टल पर 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि श्याम नगर थाना क्षेत्र स्थित क्लासिक फैब होटल के कमरे में कुछ संदिग्ध लोग ठहरे हुए हैं। सूचना के आधार पर होटल में छापा मारा गया और वहां से आंध्र प्रदेश के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें शेख मोलाली (नाडियापल्ली, प्रोद्दातुर), रायपुरी कुमार ऐलिया (कुमारपल्ली, राजपालम मंडल), कुडडुमला पवन कुमार रेड्डी (जमाला माडूगू, नगलाकट्टा स्ट्रीट) और एसएम घोष (दस्तगीरपेट, प्रदुदुर वैयतसर) शामिल हैं।
इसके अलावा राजस्थान से भी तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनकी पहचान करण सिंह (हस्तिनापुर कॉलोनी, वैशाली नगर, भीलवाड़ा), अमन कुमार बैरवा (गोल्यावास, मानसरोवर) और संदीप कुमार उर्फ सीनू नारनोलिया (केड, उदयपुरवाटी, झुंझुनूं) के रूप में हुई है। इनसे पुलिस ने 9 एटीएम कार्ड, 15 मोबाइल फोन, 5 पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। ये आरोपी लोगों को शेयर मार्केट में बड़ा मुनाफा होने का झांसा देकर साइबर ठगी करते थे।
एक अन्य कार्रवाई में पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने होटल लोटस में ठहरे बीकानेर के पांचू निवासी रामस्वरूप उपाध्याय और डूंगरगढ़ के कालूवास निवासी कार्तिक जोशी को गिरफ्तार किया। इनके पास से 17 मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, एक लैपटॉप, 47 एटीएम कार्ड और 9 पासबुक बरामद की गईं। एडिशनल डीसीपी ललित शर्मा के अनुसार ये आरोपी भी ऑनलाइन सट्टा और गेम्स के नाम पर लोगों को फंसा कर ठगी करते थे।
पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुट गई है। साथ ही आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि ठगी के पैटर्न और बाकी सदस्यों की जानकारी जुटाई जा सके। जयपुर पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध पर कड़ी निगरानी और प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।





