खेल

शतरंज में चीटिंग को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है: विश्व चैंपियन डी. गुकेश

विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने शतरंज में चीटिंग को लेकर चल रही बहस पर साफ कहा है कि इस मुद्दे को उसकी वास्तविकता से कहीं ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। प्राग इंटरनेशनल फेस्टिवल के दौरान आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुकेश ने कहा कि वह किसी भी तरह के गलत या अनैतिक खेल के खिलाफ हैं, लेकिन मौजूदा समय में चीटिंग को लेकर जरूरत से ज्यादा शोर मचाया जा रहा है।

गुकेश ने साफ तौर पर कहा कि वह पूर्व विश्व चैंपियन व्लादिमीर क्रैमनिक के आरोपों से सहमत नहीं हैं। क्रैमनिक हाल के महीनों में कई खिलाड़ियों पर ऑनलाइन मैचों में चीटिंग के आरोप लगाते रहे हैं। गुकेश ने कहा, “मैं हर तरह के अनुचित खेल के खिलाफ हूं। यह समस्या मौजूद है, लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा बड़ा मुद्दा बना दिया गया है।”

क्रैमनिक के आरोपों को लेकर पहले भी कई दिग्गज खिलाड़ियों ने असहमति जताई है। इनमें पूर्व विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन, फिडे अध्यक्ष आर्काडी ड्वोर्कोविच के अलावा भारतीय ग्रैंडमास्टर्स अर्जुन एरिगैसी और निहाल सरीन भी शामिल हैं। इन सभी का कहना है कि बिना ठोस सबूत किसी पर आरोप लगाना गलत है।

आने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट को लेकर पूछे गए सवाल पर गुकेश ने कहा कि वह किसी को भी फेवरिट नहीं मानते। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने शहर के साथी खिलाड़ी आर. प्रज्ञानानंदा के खिलाफ खेलना अच्छा लगेगा। इस बीच सुपर टूर्नामेंट के पहले दौर में गुकेश का सामना अमेरिका के हांस मोके नीमन से होगा। नीमन को आक्रामक और चुनौतीपूर्ण खिलाड़ी माना जाता है और गुकेश की जटिल खेल शैली को देखते हुए यह मुकाबला रोचक रहने की उम्मीद है।

टूर्नामेंट में भारत के एक अन्य खिलाड़ी अरविंद चिथंबरम का मुकाबला उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव से होगा, जो हाल ही में टाटा स्टील मास्टर्स के विजेता रहे हैं।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button