सीबीआई ने 974 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट घोटाले का किया पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 183 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी के सहारे हासिल किए गए 974 करोड़ रुपये के बड़े प्रोजेक्ट घोटाले का खुलासा किया है। इस मामले में इंदौर स्थित निजी कंपनी तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेश कुंभानी और एक अन्य व्यक्ति गौरव धाकड़ को गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआई की जांच में सामने आया कि कंपनी ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की नकली गारंटी दिखाकर तीन बड़े प्रोजेक्ट अपने नाम किए। इन परियोजनाओं की कुल कीमत लगभग 974 करोड़ रुपये थी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने 85 करोड़ रुपये अग्रिम भुगतान के रूप में भी वसूल लिए। कंपनी ने पीएनबी के आधिकारिक डोमेन के नाम से फर्जी ईमेल भेजकर गारंटी को असली साबित किया। इन नकली ईमेलों के आधार पर मध्य प्रदेश जल निगम लिमिटेड (एमपीजेएनएल) ने कंपनी को प्रोजेक्ट दे दिए।
यह घोटाला मध्य प्रदेश के छतरपुर, सागर और डिंडोरी जिलों में सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ा था। कंपनी ने 183.21 करोड़ रुपये की आठ फर्जी बैंक गारंटी जमा कराई और इन दस्तावेजों के आधार पर बड़े अनुबंध अपने नाम किए। मामले पर सवाल उठने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जांच के आदेश दिए। इसके बाद सीबीआई ने तीन केस दर्ज कर जांच शुरू की।
गिरफ्तार आरोपियों को इंदौर के विशेष मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। सीबीआई ने कहा है कि घोटाले की गहराई तक जांच जारी रहेगी। यह मामला न केवल बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी है, बल्कि सरकारी तंत्र की लापरवाही को भी उजागर करता है।





