बीएसएफ ने शुरू की नई DSS प्रणाली, अब AI से होगी सीमा की निगरानी
पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटी सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) ने एक नई तकनीक आधारित प्रणाली की शुरुआत की है। इस प्रणाली का नाम है “डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS)”। यह प्रणाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) से लैस है।
क्या है DSS प्रणाली?
डीएसएस एक ऐसा सिस्टम है जो सीमा से जुड़ी ढेर सारी जानकारियों को एक जगह इकट्ठा करता है। जैसे:
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नक्शे और सीमाओं की जानकारी
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इलाके का डेटा
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सीमा का लाइव अपडेट
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पुराने घुसपैठ के रिकॉर्ड आदि
इसकी मदद से बीएसएफ के कमांडर तेज़ और समझदारी से फैसले ले सकेंगे।
घुसपैठ की भविष्यवाणी करेगा सिस्टम
इसमें AI और मशीन लर्निंग की तकनीक भी है, जो यह बता सकती है कि किन रास्तों से घुसपैठ हो सकती है या सीमा पर कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है। इससे जवानों और संसाधनों का सही इस्तेमाल होगा और ऑपरेशन की योजना भी बेहतर बन सकेगी।
बीएसएफ चीफ ने क्या कहा?
बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि यह प्रणाली सीमा सुरक्षा को तकनीकी रूप से और मज़बूत बनाएगी। उन्होंने कहा, “अब हम उभरते खतरों का समय रहते मुकाबला कर सकेंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा को बेहतर तरीके से संभाल पाएंगे।”





