अंतरिक्ष में पहुंचते ही लखनऊ के शुक्ला परिवार की आंखें नम, दिल गर्व से भरा – ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने रचा इतिहास

जैसे ही गुरुवार को Axiom Mission-4 ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर सफलतापूर्वक डॉक किया, लखनऊ में शुभांशु शुक्ला के घर में जश्न का माहौल छा गया। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने टीवी पर लाइव टेलीकास्ट देखते हुए हाथ जोड़कर प्रार्थना की, उनकी आंखें खुशी के आंसुओं से भर आईं। पास में खड़े उनके पिता शंभु दयाल शुक्ला के चेहरे पर गर्व की चमक साफ झलक रही थी।
#WATCH | Lucknow, UP: The school of India’s Group Captain #ShubhanshuShukla and his family erupts into applause as #Axiom4Mission successfully docks at the International Space Station.
The entire journey ot the mission and successful docking is being live-streamed here. pic.twitter.com/P7XwPmg0ME
— ANI (@ANI) June 26, 2025
शुभांशु के स्कूल में भी माहौल बेहद खास था। जैसे ही यह खबर फैली, वहां मौजूद छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने तिरंगा लहराते हुए तालियों से उनका स्वागत किया। 39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने हैं। उनसे पहले साल 1984 में राकेश शर्मा ने यह उपलब्धि हासिल की थी। शुभांशु का स्पेसक्राफ्ट अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ था और 28 घंटे की यात्रा के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा।
#WATCH | Lucknow, UP: Tiranga flies high at the school of IAF Group Captain & astronaut #ShubhanshuShukla, as #AxiomMission4 docks at International Space Station. pic.twitter.com/b7YjWzNfci
— ANI (@ANI) June 26, 2025
मिशन से पहले शुभांशु ने अपने परिवार को एक ही बात कही थी – “बस मेरा इंतजार करना… मैं लौटूंगा।” मिशन से एक दिन पहले उनकी मां आशा शुक्ला ने वीडियो कॉल पर पारंपरिक ‘दही-चीनी’ खिलाकर बेटे को आशीर्वाद दिया और उसके लिए मंगलकामना की। टीवी पर बेटे को अंतरिक्ष में जाते देख उनकी आंखों से फिर आंसू बह निकले। लेकिन यह आंसू दर्द के नहीं, बल्कि खुशी और गर्व के थे। उन्होंने कहा, “ये खुशी के आंसू हैं… वो बहुत दूर जा रहा है, लेकिन और मजबूत बनकर लौटेगा।”
#WATCH | Mother of IAF Group Captain & astronaut #ShubhanshuShukla, Asha Shukla gets emotional and tears up as she watches the live telecast of docking of #AxiomMission4. Visuals from Lucknow, Uttar Pradesh. pic.twitter.com/7SAnWZD6zo
— ANI (@ANI) June 26, 2025
उनकी बहन गुंजन शुक्ला ने भी कहा, “हम सभी गर्वित हैं और भावुक भी। आज घर में त्योहार जैसा माहौल है।” पिता शंभु दयाल शुक्ला ने भी बेटे की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “यह हमारे जीवन का सबसे सुखद दिन है। आज लोग हमें उसके नाम से जानने लगे हैं। हमारा बेटा देश का नाम रोशन कर रहा है।”
जब Axiom-4 मिशन ने सफलतापूर्वक ISS पर डॉक किया, तो अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला ने भारत के लिए संदेश भेजा –
“मेरे कंधों पर लगा तिरंगा मुझे यह अहसास दिलाता है कि मैं आप सभी के साथ हूं। हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। यह सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है। जय हिंद! जय भारत!”
हालांकि भारत ने इस मिशन की लागत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार इस तरह के मिशनों में अन्य देशों ने लगभग 100 मिलियन डॉलर तक खर्च किए हैं। लेकिन भारत के लिए यह सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि गर्व और उम्मीद की नई उड़ान है। जब Axiom-4 के सदस्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में प्रवेश कर रहे थे, तब भारत भी गर्व के साथ थोड़ा और ऊंचा उठ रहा था – एक ऐसे भारतीय के दम पर, जिसने अंतरिक्ष में तिरंगा पहुंचाया है।





