एलपीजी की भारी कमी पर अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर हमला, विदेश नीति पर भी उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (11 मार्च 2026) को देश में एलपीजी की कथित कमी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गैस की कमी से आम लोगों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि भारत में इस्तेमाल होने वाली करीब 90 प्रतिशत एलपीजी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के रास्ते आयात होती है। मौजूदा हालात की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसके कारण कई जगहों पर गैस की भारी कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली-एनसीआर और बिहार से ऐसी खबरें आ रही हैं कि गैस की कमी के कारण अगले दो दिनों में करीब 50 प्रतिशत होटल बंद होने की कगार पर हैं।
आप नेता ने यह भी कहा कि अगर बिजली संकट की स्थिति गहराती है तो करीब एक करोड़ लोगों की नौकरियों पर असर पड़ सकता है। विदेश नीति को लेकर भी केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि भारत ने पिछले कई दशकों से गुटनिरपेक्ष (नॉन-अलाइंड) नीति अपनाई थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने उस परंपरा को कमजोर कर दिया है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण भारत के संबंध Iran के साथ तनावपूर्ण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी एक पक्ष के साथ खड़े होने के बजाय संतुलित विदेश नीति अपनानी चाहिए, जैसा कि शीत युद्ध के दौर में भी किया गया था।
उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सरकार को सावधानी से फैसले लेने की जरूरत है, क्योंकि इनका सीधा असर आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।





