Mission Moon: चंद्रमा के बेहद करीब पहुँचा NASA का Orion यान, 50 साल बाद फिर ‘लूनर फ्लाईबाई’ की तैयारी

वॉशिंगटन/ह्यूस्टन: अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। नासा का Artemis II मिशन अब अपनी यात्रा के सबसे रोमांचक चरण में है। पिछले 50 से अधिक वर्षों में पहली बार, कोई मानव-चालक दल चंद्रमा के इतने करीब पहुँचा है। कमांडर रीड वाइजमैन के नेतृत्व में चार अंतरिक्ष यात्री वर्तमान में चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं और 1,10,700 मील प्रति घंटे की अविश्वसनीय गति से आगे बढ़ रहे हैं।
1.69 लाख मील की दूरी और ऐतिहासिक ‘लूनर फ्लाईबाई’
अंतरिक्ष यान ‘ओरियन’ इस समय पृथ्वी से लगभग 1,69,000 मील की दूरी पर है। चालक दल अब उस जादुई बिंदु के करीब है जहाँ वे चंद्रमा के पिछले हिस्से (Far Side) का नज़ारा देखेंगे। यह मिशन न केवल दूरी के मामले में रिकॉर्ड बना रहा है, बल्कि यह भविष्य के मंगल मिशनों के लिए एक परीक्षण स्थल भी है। अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच और विक्टर ग्लोवर ने बताया कि ओरियन यान पूरी तरह से सुरक्षित है और उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन कर रहा है।
चंद्रमा की सतह का HD नज़ारा
इस यात्रा के दौरान, अंतरिक्ष यात्री आधुनिक कैमरों और विशेष उपकरणों की मदद से चंद्रमा के क्रेटर्स और सतह की बेहद करीब से तस्वीरें ले रहे हैं। नासा के अनुसार, यह चालक दल चंद्रमा की सतह से मात्र 4,000 मील ऊपर से गुजरेगा, जो कि अपोलो मिशनों के बाद की सबसे कम दूरी है।
Artemis II मिशन का सफल होना मानव जाति के लिए चंद्रमा पर फिर से बसने के सपने को हकीकत में बदलने जैसा है। यह मिशन न केवल विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने के लिए प्रेरित भी करेगा।





