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पहलगाम आतंकी हमले पर अमेरिका का कड़ा रुख, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने PM मोदी से की बात, हर संभव मदद का आश्वासन

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने भारत के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कड़ा संदेश दिया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की और हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने पीड़ितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की और कहा कि अमेरिका इस कठिन समय में भारत के साथ खड़ा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उपराष्ट्रपति वेंस ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई में अमेरिका की ओर से हर संभव सहायता देने की पेशकश की है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन और सहानुभूति के लिए धन्यवाद दिया।


जे.डी. वेंस इस समय अपने आधिकारिक दौरे पर भारत में हैं और उन्होंने मीडिया से बातचीत में मंगलवार को हुए इस आतंकी हमले को “कायराना और निंदनीय” बताया। रूस टुडे द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में वेंस ने कहा, “मैं कश्मीर के लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, जो इस भयावह आतंकी हमले से प्रभावित हुए हैं।”

वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत का भी ज़िक्र किया और कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही पीएम मोदी से बात कर चुके हैं। हम भारत सरकार और लोगों को हर संभव मदद देने को तैयार हैं। इससे पहले, उपराष्ट्रपति वेंस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “उषा और मैं भारत के पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं। पिछले कुछ दिनों में हमने इस देश और इसके लोगों की सुंदरता को महसूस किया है। हमारी प्रार्थनाएं पीड़ितों के साथ हैं।”


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मंगलवार रात प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर इस “इस्लामिक आतंकी हमले” की निंदा की और भारत को हर तरह की मदद देने का भरोसा दिलाया। पीएम मोदी ने ट्रंप के समर्थन के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि भारत इस “कायराना और घिनौने” हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय दिलाकर रहेगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज ने भी भारत के प्रति समर्थन जताया है। रुबियो ने पोस्ट कर कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ है।” वहीं वॉल्ट्ज ने हमले को “एक भयानक त्रासदी” बताया।

उल्लेखनीय है कि यह हमला 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। इसके बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आमतौर पर सैलानियों से भरा रहने वाला पहलगाम इलाका अब सुनसान नजर आ रहा है, और कई संगठनों ने जम्मू बंद का आह्वान किया है।

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