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फैक्ट चेक: यूपी पुलिस में जवानों के रिटायरमेंट की आयु 60 साल से घटाकर 50 साल नहीं की गयी, जाने पूरा सच

फैक्ट चेक: यूपी पुलिस में जवानों के रिटायरमेंट की आयु 60 साल से घटाकर 50 साल नहीं की गयी, जाने पूरा सच

 

इन दिनों सोशल मीडिया पर यूपी पुलिस के जवानों के रिटायरमेंट को लेकर एक पोस्ट शेयर की जा रही है। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यूपी में योगी सरकार अब पुलिस के जवानों की रिटायरमेंट आयु 60 साल से घटाकर 50 साल करने जा रही है। बता दें सोशल मीडिया पर यह पोस्ट, यूपी विधानसभा चुनावों में भाजपा की दोबारा पूर्ण बहुमत से हुई जीत के बाद से वायरल हो रहा है।

फेसबुक पर पोस्ट में लिखा गया है कि ‘योगी सरकार अब पुलिस कर्मियों को 60 नहीं बल्कि 50 साल में ही रिटायर करने जा रही है। जाओ गुरू 5 किलो राशन लेके घूमौ

दरअसल, कोरोना काल के बाद से ही भाजपा यूपी की जनता में राशन, तेल और कुछ पैसे बांट रही थी, जिसका असर यूपी विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिला। इसी कारण, यूपी की जनता पर तंज कसने के लिए फेसबुक के इस वायरल पोस्ट में ‘5 किलो राशन’ का जिक्र किया गया है।

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक 

क्या यूपी में पुलिस जवानों के रिटायरमेंट की आयु 60 साल से घटाकर 50 साल कर दी गयी है? इस बात का सच जानने के लिए हमने अपनी छानबीन शुरू की। हमने सबसे पहले गूगल पर “यूपी पुलिस कर्मी रिटायरमेंट आयु 50 साल” कीवर्ड्स से खोजा। जिसके बाद हमें ABP न्यूज़ की वेबसाइट पर मामले से संबंधित एक रिपोर्ट मिली।

 

 

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 50 साल की उम्र पार कर चुके दागदार पुलिसकर्मियों को स्क्रीनिंग रिपोर्ट आगामी 20 मार्च तक मुख्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। लेख में जानकारी दी गयी है कि इसी स्क्रीनिंग रिपोर्ट के आधार पर दागी, भ्रष्ट और बैड वर्क एंड कंडक्ट वाले पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर किया जाएगा।

उपरोक्त मिली रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने सेवा में 50 साल पूरे कर चुके दागी पुलिस कर्मियों के रिटायरमेंट की बात कही है।

 

पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी तथ्यों को खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें ट्विटर पर यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल द्वारा हाल ही ट्वीट की गयी एक पोस्ट प्राप्त हुई। इस पोस्ट में यूपी पुलिस ने वायरल दावे पर सफाई देते हुए कहा कि, ‘यूपी पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से घटाकर 50 वर्ष किए जाने की ख़बर पूर्णतया भ्रामक है’

पोस्ट में बताया गया है कि अक्षम पुलिस कर्मियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति हेतु वर्ष 26 अक्टूबर 1985 में शासनादेश जारी हुआ था। इसके तहत सभी विभागों में असक्षम सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) की प्रक्रिया की जाती है।इस प्रक्रिया के अंतर्गत ऐसे कर्मियों की स्क्रीनिंग की जाती है, जिनके सेवा में 50 वर्ष हो गए हो और उनकी नौकरी का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा हो। यूपी पुलिस के इस ट्विटर पोस्ट में बताया गया है कि पुलिस मुख्यालय द्वारा यह रिपोर्ट हर साल मंगाई जाती है। पुलिस मुख्यालय वायरल हो रहे पोस्ट का खंडन करता है।

वायरल हो रहे दावे की पड़ताल में हमें पता चला कि पुलिस जवानों की रिटायरमेंट आयु 60 साल से घटाकर 50 नहीं गयी है, दरअसल, यूपी पुलिस ने ऐसे पुलिस कर्मियों के जबरन रिटायरमेंट की बात कही है, जिसके सेवा में 50 वर्ष पूरे हो गए हों और भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए हो।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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