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फैक्ट चेक: सुदर्शन न्यूज़ के संपादक मुकेश कुमार की गिरफ्तारी को अपहरण का झूठा मामला बता कर किया गया शेयर

सोशल मीडिया पर सुदर्शन न्यूज़ के स्थानीय (रेजिडेंट) संपादक मुकेश कुमार को लेकर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। 11 अगस्त को सुदर्शन न्यूज़ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि उनके  स्थानीय एडिटर मुकेश कुमार का गुरुग्राम के सेक्टर 17 इलाके से कुछ बदमाशों ने अपहरण कर लिया है। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा, “सुदर्शन न्यूज़ के रेज़ीडेंट एडिटर मुकेश कुमार का गुरुग्राम से दिन दहाड़े अपहरण हुआ है। वह मेवात में संघर्ष कर रहे हिंदू कार्यकर्ताओं को मदद करने पहुँचे थे। गुरुग्राम के सेक्टर 17 से हट्टे कट्टे गुंडे उनको कार के ड्राइविंग सीट से खींच कर उठा ले गए हैं ”

इस दावे को सुदर्शन न्यूज़ के कई रिपोर्टर और ऑपइंडिया ने भी इसी दावे के साथ शेयर किया।

एक फेसबुक यूजर ने इससे शेयर करते हुए लिखा, “आज, दोपहर, सुदर्शन न्यूज़ के रेज़ीडेंट एडिटर मुकेश कुमार का गुरुग्राम से दिन दहाड़े अपहरण हुआ है। गुरुग्राम के सेक्टर 17 से, कुछ हट्टे कट्टे गुंडे, उनको कार की ड्राइविंग सीट से खींच कर, उठा ले गए हैं। इंटरनेट बंद है, समाचार बाहर नहीं आ रहे है तो ये न समझिए कि स्थिति नियंत्रण में है। मेरा मानना है कि जब कभी भी, भविष्य में, मणिपुर व मेवात के सही आँकड़े सामने आएँगे तो आपके होश उड़ जाएँगे। अंडोले तो यही कहेंगे कि कुछ बड़ा होने वाला है, पीओके में …। अखंड भारत बनने ही वाला है। उन्हें और उनकी लाडली-प्यारी सरकार को, देश के जमीनी हालात से कोई सरोकार नहीं है”

इस फेसबुक पोस्ट को यहाँ देखा जा सकता है |

इस वीडियो को फेसबुक और ट्विटर पे इसी दावे के साथ काफी शेयर किया गया |

फैक्ट चेक

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा गलत है।  दरअसल संपादक मुकेश कुमार को गलत कम्युनल  सूचना फैलाने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने कुछ संबंधित कीवर्ड्स के माध्यम से सोशल मीडिया पे तलाशना शुरू किया। पड़ताल के दौरान हमें गुरुग्राम पुलिस द्वारा जारी किया गया बयान मिला, जो पहले से ही इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। पुलिस के बयान के अनुसार, उन्होंने एक प्रेस नोट जारी करके यह स्पष्ट कर दिया है कि यह किसी गुंडे द्वारा अपहरण का मामला नहीं है जैसा कि सुदर्शन न्यूज़ ने दावा किया है। दरअसल गुरुग्राम पुलिस ने संपादक मुकेश कुमार को नूह हिंसा को लेकर गलत और सांप्रदायिक भ्रामक ट्वीट शेयर करने के लिए अरेस्ट किया गया है।

प्रेस नोट में लिखा है :

“असत्य व भ्रामक ट्वीट करने वाला व्यक्ति गिरफ़्तार”

  • दिनांक 08.08.2023 को ट्विटर हैंडल @mukeshkrd से बेबुनियाद, असत्य एवं भ्रामक तथ्यों के आधार पर एक ट्वीट किया गया था. गुड़गांव पुलिस द्वारा इस मामले पर संज्ञान लेते हुए थाना साइबर पूर्व गुरुग्राम में धारा 66C IT एक्ट व 153B, 469, 501, 505 (1) © IPC के तहत अभियोग इंगित किया गया था. इस अभियोग की तफ्तीश थाना साइबर पूर्व, गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा की जा रही थी.

 

  • आज दिनांक 11.08.2023 को भ्रामक एवं असत्य तथ्य ट्वीट करने वाले मुकेश नामक व्यक्ति को साइबर पूर्व, गुरूग्राम की टीम ने उपरोक्त अभियोग में गिरफ़्तार किया है. अभियोग की अनुसंधान जारी है.”

आगे जांच में हमे एनडीटीवी की 12 अगस्त की एक रिपोर्ट मिली जिसमे की मुकेश कुमार को नूह हिंसा पे असत्य व भ्रामक ट्वीट फैलाने को लेकर गिरफ्तारी की बात कही गयी है।  हालाँकि बाद में  मुकेश कुमार को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

आपको बता दें की 8 अगस्त को, सुदर्शन न्यूज़ के स्थानीय संपादक मुकेश कुमार ने अपने ट्विटर हैंडल पर हरियाणा के नूंह में चल रही सांप्रदायिक झड़पों के संबंध में एक ट्वीट पोस्ट किया। अपने ट्वीट में उन्होंने दावा किया कि, कतर की एक समाचार एजेंसी अल जजीरा, गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर पर हिंदुओं के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बना रही थी। इसी फेक न्यूज़ पर करवाई करते हुए गुरुग्राम पुलिस ने मुकेश को गिरफ्तार किया था।

पड़ताल के दौरान उपरोक्त प्राप्त तथ्यों से हमने जाना कि मुकेश कुमार का गुरुग्राम से दिन दहाड़े अपहरण किये जाने वाला गलत है। उन्हें नूह  में हुई सांप्रदायिक झड़पों को लेकर असत्य व भ्रामक ट्वीट करने के लिए गिरफ्तार गया था।

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