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75th Independence Day: लाखों ने दी थी कुर्बानी, तब मिली है हमें स्वतंत्रता ..पढ़े आज़ादी के दौर के ऐसे नारे जो देश के प्रति भर देंगे जोश

देश आज पर्व मन रहा है। पर्व है देश की आज़ादी का। अंग्रेज़ों से गुलामी के छुटकारे का। आज का दिन हर भारतीय को एक खास गर्व महसूस कराता है। इस दिन न केवल देश के लिए कुर्बानी देने वाले वीर सपूतों को याद किया जाता है बल्कि उन सब के त्याग को भी नमन किया जाता है जिन्होंने इस आज़ादी के पहले और बाद में न जानें कितने कष्ट सहे है। आज स्वतंत्रता दिवस के इस खास मौके पर हर कोई अपनों करीबियों को बधाई संदेश भेज रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग देशभक्ति से भरे मैसेज, कोट्स और शायरी शेयर कर रहे हैं। इसी क्रम में आइए आज स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिए गए बड़े नारों को पढ़े जो आज भी आपको जोश से भर देंगे।

“वंदे मातरम”- बंकिमचंद्र चटर्जी

“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” – नेताजी सुभाष चंद्र बोस

“अंग्रेजों भारत छोड़ो” – महात्मा गांधी

“इंकलाब जिंदाबाद” – भगत सिंह

“मेरे सिर पर लाठी का एक-एक प्रहार, अंग्रेजी शासन के ताबूत की कील साबित होगा” – लाला लाजपत राय

“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूंगा” – बाल गंगाधर तिलक

“दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे” – चंद्र शेखर आजाद

“सारे जहां से अच्‍छा हिन्‍दोस्‍तां हमारा” – अल्‍लामा इकबाल

“जय हिंद” – सुभाष चंद्र बोस

“सरफरोशी की तमन्ना, अब हमारे दिल में है” – रामप्रसाद बिस्मिल

“जय जवान, जय किसान” – लाल बहादुर शास्‍त्री

“सत्यमेव जयते” – पंडित मदनमोहन मालवीय

“आराम हराम है”-जवाहरलाल नेहरू

“करो या मरो”-महात्मा गांधी

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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