IAS Tukaram Munde: 21 साल में 25 तबादले, फिर भी नहीं रुकी कार्रवाई; मिलावटखोरों पर चला सख्त अभियान

IAS Tukaram Munde: महाराष्ट्र के चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपनी ईमानदार कार्यशैली, सख्त प्रशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के लिए पहचाने जाने वाले मुंडे ने अपने 21 साल के प्रशासनिक करियर में 25 तबादलों का सामना किया है। इसके बावजूद उन्होंने हर जिम्मेदारी को पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ निभाया।
वर्तमान में महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के आयुक्त के रूप में तैनात तुकाराम मुंडे ने हाल ही में खाद्य मिलावट के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है।
दूध मिलावट के खिलाफ बड़ा अभियान
FDA आयुक्त बनने के बाद मुंडे के नेतृत्व में 30 दिनों का विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान विभाग ने पूरे महाराष्ट्र में 360 छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान 235 FIR दर्ज की गईं, 350 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 274 अवैध इकाइयों को सील कर दिया गया। यह अभियान राज्य में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
बड़े प्रतिष्ठानों पर भी हुई कार्रवाई
मुंडे के नेतृत्व में FDA ने केवल छोटे कारोबारियों ही नहीं बल्कि बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों पर भी कार्रवाई की। मुंबई की प्रसिद्ध K. Rustom & Co. समेत कई प्रतिष्ठानों पर कथित गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी उल्लंघनों को लेकर कार्रवाई की गई।
उनका कहना है कि खाद्य सुरक्षा के नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए, चाहे वह सड़क किनारे की दुकान हो या कोई प्रतिष्ठित ब्रांड।
किसान परिवार से IAS बनने तक का सफर
महाराष्ट्र के एक किसान परिवार से आने वाले तुकाराम मुंडे ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर 2005 बैच के IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।
प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने ईमानदारी, अनुशासन और जवाबदेही को अपनी पहचान बनाया। लगातार तबादलों के बावजूद उन्होंने सार्वजनिक हित को हमेशा प्राथमिकता दी।
सुरक्षित भोजन और दवाओं पर जोर
तुकाराम मुंडे का कहना है कि नागरिकों को सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उनका मानना है कि कानून का पालन हर व्यक्ति और हर संस्था के लिए समान होना चाहिए। इसी सोच के साथ वे खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।
सख्त प्रशासनिक शैली के लिए मशहूर
तुकाराम मुंडे को महाराष्ट्र के सबसे सक्रिय और कड़े प्रशासनिक अधिकारियों में गिना जाता है। बार-बार तबादलों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने काम करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं किया। उनकी प्राथमिकता आज भी साफ है—सुरक्षित भोजन, सुरक्षित दवाएं और एक सुरक्षित महाराष्ट्र।





