‘मुझे भी इमरजेंसी में जेल भेजा गया था’: पुलिस कार्रवाई के समर्थन में जेपी नड्डा का पलटवार

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने बुधवार को छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का बचाव किया। राज्यसभा में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई सामान्य कार्रवाई थी।
जेपी नड्डा ने कहा कि वह खुद भी छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं और आपातकाल (1975-77) के दौरान कांग्रेस सरकार में उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा, “मैं भी छात्र आंदोलन का हिस्सा रहा हूं। आपातकाल के समय मुझे कक्षा से दो बार गिरफ्तार किया गया था। छात्र आंदोलन करने वालों को ऐसे हालात का सामना करना पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, उनके खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करनी ही पड़ती है। उनके मुताबिक, पुलिस ने इसी जिम्मेदारी के तहत कार्रवाई की है और इसे बेवजह सनसनीखेज बनाया जा रहा है।
नड्डा के इस बयान के बाद राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने छात्र आंदोलन के बाद हुई गिरफ्तारियों और पुलिस कार्रवाई पर सरकार से सवाल उठाए। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर और अन्य मामलों पर अपने आश्वासन को लागू करने की मांग दोहराई।
विपक्ष ने 20 जुलाई को CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, पेलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार को घेरा।





