
New Delhi: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पर सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि केवल सख्त सजा का प्रावधान पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को सबसे पहले ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे पेपर लीक की घटनाएं होने से पहले ही रोकी जा सकें।
पेपर लीक रोकने पर होना चाहिए फोकस
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शशि थरूर ने कहा कि बिल में सजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रावधान स्वागतयोग्य है, लेकिन असली जरूरत ऐसी व्यवस्था की है जो परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने से पहले ही उसे रोक सके।
उन्होंने कहा, “सजा देना ठीक है, लेकिन उससे पहले पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी प्रावधान होने चाहिए। मैंने इस विषय पर अपने भाषण और लेख में भी कई सुझाव दिए हैं।”
फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर भी उठाए सवाल
थरूर ने देश की न्यायिक व्यवस्था में लंबित मामलों का जिक्र करते हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि केवल नए नियम बनाने से न्याय नहीं मिलेगा। इसके लिए नए जजों की नियुक्ति, अतिरिक्त अदालतें और पर्याप्त अभियोजकों की भी जरूरत होगी। यदि न्यायपालिका के पास पर्याप्त क्षमता नहीं होगी तो केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा का कोई विशेष लाभ नहीं होगा।
प्रियंका गांधी के बयान का किया समर्थन
शशि थरूर ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर बिलकिस बानो मामले को लेकर टिप्पणी की थी।
थरूर ने कहा कि बिलकिस बानो मामले में आरोपियों के पक्ष में किसी भी तरह की टिप्पणी उचित नहीं थी और प्रियंका गांधी ने जो कहा, वह उसी संदर्भ में था।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उन्होंने संसद में जो बातें कहीं, वे तथ्यों पर आधारित थीं और उन्हें अपने बयान पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रह्लाद जोशी ने अतीत में महिलाओं से जुड़े विवादित मामलों में गलत रुख अपनाया था।
उनका कहना था कि यदि सच बोलने पर कार्रवाई होती है तो भी वह अपनी बात कहती रहेंगी।
लोकसभा में हुआ हंगामा
प्रियंका गांधी की टिप्पणियों के बाद लोकसभा में तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और किरण रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत और भ्रामक आरोप लगाए हैं।
गौरव गोगोई ने भी सरकार को घेरा
इस दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को संसद में जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।
परीक्षा सुधार पर जारी है बहस
Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच लगातार बहस जारी है। सरकार का कहना है कि नया कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाएगा, जबकि विपक्ष का तर्क है कि केवल सख्त सजा से समस्या का समाधान नहीं होगा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।





