CJP Protest: सरकार ने वादा नहीं निभाया तो होगा अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन, CJP की चेतावनी

NEW DELHI: Cockroach Janta Party (CJP) ने केंद्र सरकार को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। संगठन ने कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और नेताओं को परेशान न करने के वादे का पालन नहीं किया गया, तो देशभर में पहले से भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP का आरोप है कि सरकार के साथ हुई बातचीत के बावजूद कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
Aishe Ghosh को लेकर दी बड़ी चेतावनी
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि वरिष्ठ नेता आइशे घोष के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की गई, तो सरकार को “पहले कभी न देखा गया” विरोध प्रदर्शन झेलना पड़ेगा।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार को अपने वादे का सम्मान करना चाहिए और आंदोलन से जुड़े लोगों को परेशान करना बंद करना चाहिए।
सरकार पर समझौता तोड़ने का आरोप
रांका ने बताया कि 25 जुलाई को सरकार के साथ हुई तीसरे दौर की बातचीत में यह सहमति बनी थी कि प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएंगी और भविष्य में नए मामले दर्ज नहीं किए जाएंगे।
उनके अनुसार, CJP ने समझौते का मसौदा सरकार को सौंपा था और सरकार ने कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिखित समझौता साझा करने का आश्वासन दिया था। हालांकि संगठन का दावा है कि अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ।
फिर से आंदोलन की चेतावनी
CJP ने कहा है कि यदि लिखित समझौता जारी नहीं किया गया और गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया, तो संगठन दोबारा देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
संगठन का आरोप है कि बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है, जो बातचीत के दौरान बनी सहमति के खिलाफ है।
कपिल सिब्बल ने किया कानूनी सहायता का ऐलान
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आंदोलन से जुड़े छात्रों और प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए 1 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि देशभर के वकीलों को जोड़कर एक कानूनी सहायता नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे जरूरतमंद छात्रों को मुफ्त कानूनी मदद मिल सके।
‘Sakshi’ और लीगल पोर्टल लॉन्च
CJP ने हाल ही में ‘Sakshi’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है। संगठन का कहना है कि इस पोर्टल पर प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य सबूत अपलोड किए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में कानूनी कार्रवाई में उनका उपयोग किया जा सके।
इसके अलावा एक अलग लीगल हेल्प पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिए प्रदर्शनकारियों को वकीलों से जोड़ा जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
CJP ने 36 दिनों तक जंतर-मंतर पर आंदोलन चलाया था। संगठन का दावा है कि सरकार ने उसकी प्रमुख मांगें स्वीकार करने और बाकी मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अब CJP का आरोप है कि समझौते का पालन नहीं हो रहा है और यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।





