IAS अधिकारी बनकर नौकरी के नाम पर 20 लाख की ठगी, बंगाल से शातिर गिरफ्तार
खुद को ओडिशा सरकार का प्रमोटेड IAS अधिकारी बताकर आरोपी ने एक नौकरी के उम्मीदवार को झांसे में लिया और फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए।
ओडिशा में सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर को पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को ओडिशा सरकार का वरिष्ठ IAS अधिकारी बताकर लोगों को अपना शिकार बनाता था।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 40 वर्षीय आरोपी रबीनारायण दास मूल रूप से ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के उत्तरपारा में रह रहा था। आरोपी ने अपने साथी मनोज कुमार लेंका के साथ मिलकर एक नौकरी के उम्मीदवार मनोरंजन प्रधान को अपना निशाना बनाया।
फर्जी दस्तावेजों का किया इस्तेमाल
ठगों ने पीड़िता को ओडिशा माइनिंग कॉर्पोरेशन (OMC) में डिप्टी जनरल मैनेजर की नौकरी दिलाने का वादा किया। इस झांसे में आकर पीड़ित ने ऑनलाइन और कैश के जरिए आरोपी को कुल 20 लाख रुपये दिए। इसके बाद आरोपियों ने ओएमसी के नाम पर फर्जी नियुक्ति और इंटरव्यू लेटर भी थमा दिए, जो जांच में नकली पाए गए।
पुलिस ने ऐसे कसा शिकंजा
पीड़ित की शिकायत पर लिंगराज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य रिकॉर्ड्स खंगाले। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम ने पश्चिम बंगाल में दबिश दी और आरोपी को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया।
पुराना है आपराधिक इतिहास
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी रबीनारायण दास पहले भी इस तरह के मामलों में शामिल रहा है। उस पर पहले से ही लिंगराज थाने में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी और जाजपुर साइबर पुलिस स्टेशन में साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज हैं।





