
महाराष्ट्र में मानसून की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मुंबई, पुणे और राज्य के कई अन्य हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन (landslides), मकान ढहने और जलभराव की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इन बारिश जनित हादसों में अब तक कम से कम 13 लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही राज्य के प्रमुख परिवहन मार्ग भी पूरी तरह से ठप हो गए हैं।
पुणे के मावल में भीषण भूस्खलन
पुणे के मावल तहसील स्थित पाटन गांव में सोमवार सुबह करीब 4:25 बजे एक बड़ा भूस्खलन हुआ। इस हादसे में करीब पांच घर मलबे के नीचे दब गए, जिससे लगभग 30-35 लोग फंस गए। मलबे से एनडीआरएफ (NDRF) की टीम ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों – नंदू टिकोने (60), माउली टिकोने (30) और अनीता टिकोने (55) के शव बरामद किए हैं। क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश के चलते गांव में तीन जगहों पर भूस्खलन हुआ है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यातायात ठप
भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लगभग 100 टन मलबा आ गिरा, जिससे एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे दोनों पर यातायात पूरी तरह से रुक गया। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लगभग 70% मलबा हटा दिया है और एक लेन को आंशिक रूप से चालू कर दिया है। जल्द ही पूरे मार्ग को बहाल करने की उम्मीद है।
मुंबई में रेड अलर्ट और जनजीवन अस्त-व्यस्त
मुंबई में मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश, तेज हवाओं और हाई टाइड की चेतावनी देते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। बीएमसी (BMC) ने भी अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। जलभराव (waterlogging) के कारण रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। मुंबई में पेड़ गिरने से दो और मानखुर्द में एक चॉल ढहने से छह लोगों की मौत हो गई, जिससे शहर में मरने वालों का आंकड़ा आठ तक पहुंच गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।





