
FIFA World Cup 2026 में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। पनामा के खिलाफ ग्रुप एल के आखिरी मुकाबले में गोल करते ही केन ने 2025-26 सीजन में सभी प्रतियोगिताओं को मिलाकर 70 गोल पूरे कर लिए। इसके साथ ही वह 21वीं सदी के एक सीजन में सबसे ज्यादा गोल करने वाले दूसरे फुटबॉलर बन गए हैं। इस सूची में उनसे आगे सिर्फ अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी हैं।
मेसी के बाद दूसरे नंबर पर पहुंचे हैरी केन
फुटबॉल आंकड़ों के अनुसार, लियोनेल मेसी ने 2011-12 सीजन में 82 गोल और 2012-13 में 69 गोल किए थे। वहीं, क्रिस्टियानो रोनाल्डो का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2011-12 में 69 गोल और 2014-15 में 66 गोल का रहा।
अब हैरी केन ने 70 गोल के साथ रोनाल्डो को पीछे छोड़ते हुए 21वीं सदी के दूसरे सबसे सफल सिंगल-सीजन गोलस्कोरर बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
पनामा के खिलाफ हेडर से बनाया रिकॉर्ड
पनामा के खिलाफ मुकाबले में हैरी केन ने 68वें मिनट में शानदार हेडर लगाकर इंग्लैंड की बढ़त 2-0 कर दी। जूड बेलिंघम के सटीक क्रॉस पर केन ने बेहतरीन फिनिश करते हुए गोल दागा। इससे पहले बेलिंघम ने कॉर्नर से मिले मौके को गोल में बदलकर इंग्लैंड को बढ़त दिलाई थी।
वर्ल्ड कप में भी बनाया नया रिकॉर्ड
यह गोल हैरी केन का FIFA World Cup में 11वां गोल था। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने इस मामले में गैरी लिनेकर के 10 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इतना ही नहीं, बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में इंग्लैंड के लिए केन के कुल गोलों की संख्या अब 18 हो गई है, जिससे उनका रिकॉर्ड और मजबूत हो गया है।
इंग्लैंड ग्रुप टॉपर बनकर नॉकआउट में पहुंचा
इंग्लैंड ने पनामा को 2-0 से हराकर ग्रुप एल में शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम ने ग्रुप चरण में तीन मैचों में दो जीत और एक ड्रॉ के साथ कुल सात अंक जुटाए।
थॉमस टुखेल की टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत क्रोएशिया पर 4-2 की जीत से की थी। इसके बाद घाना के खिलाफ मुकाबला गोलरहित ड्रॉ रहा और फिर पनामा को हराकर टीम ने नॉकआउट चरण में जगह पक्की कर ली।
क्रोएशिया और घाना भी पहुंचे अगले दौर में
ग्रुप एल से इंग्लैंड के अलावा क्रोएशिया और घाना ने भी नॉकआउट चरण के लिए क्वालिफाई किया। वहीं, पनामा लगातार तीन हार के साथ बिना कोई अंक हासिल किए टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
हैरी केन की शानदार फॉर्म इंग्लैंड के लिए बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है। यदि उनका यह प्रदर्शन जारी रहता है तो इंग्लैंड 1966 के बाद पहली बार विश्व कप खिताब जीतने की मजबूत दावेदार टीमों में शामिल हो सकती है।





