Pune Murder Case: सिया गोयल और चेतन की पोल खुली? पूछताछ में एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

Pune: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी अब एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिले डिजिटल सबूत, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और फॉरेंसिक साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि यह हत्या पहले से रची गई सुनियोजित साजिश थी।
पूछताछ में बदले बयान, एक-दूसरे पर लगाया आरोप
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में चेतन चौधरी ने दावा किया कि वह सिया के साथ भागकर नई जिंदगी शुरू करना चाहता था, लेकिन केतन अग्रवाल की हत्या का विचार सिया का था। वहीं, सिया ने पुलिस को बताया कि पूरी योजना चेतन ने बनाई थी और 14 जून को पहली कोशिश नाकाम होने के बाद वह काफी परेशान हो गया था।
जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। हालांकि, सबूत सामने आने के बाद दोनों ने कथित तौर पर अपनी-अपनी भूमिका स्वीकार की और घटना का पूरा घटनाक्रम बताया।
पहले से तय था हत्या का पूरा प्लान
पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए पहले से पूरा प्लान तैयार किया गया था। तय योजना के मुताबिक, सिया को एक खास इशारा करना था। जैसे ही उसने बैठकर संकेत दिया, चेतन पीछे से आया और केतन अग्रवाल को गहरी खाई में धक्का दे दिया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि केतन को इस हमले का बिल्कुल अंदाजा नहीं था और उसे संभलने का मौका भी नहीं मिला।
भागने के बजाय हत्या का रास्ता क्यों चुना?
पूछताछ में जब पुलिस ने पूछा कि दोनों भागकर शादी क्यों नहीं कर लेते, तो आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि ऐसा करने से दोनों परिवारों की बदनामी होती। इसलिए उन्होंने केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
कई बार नाकाम रही हत्या की कोशिश
जांच में सामने आया है कि सिया और चेतन की मुलाकात अक्टूबर 2025 में हुई थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गए थे। इसके बाद फरवरी 2026 में सिया की सगाई केतन अग्रवाल से हो गई, लेकिन वह शादी नहीं करना चाहती थी।
पुलिस के मुताबिक, 31 मई को सिया ने पहली बार केतन को किले से धक्का देने की कोशिश की, लेकिन वह झाड़ियों को पकड़कर बच गया। उस समय सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर मामला संभाल लिया।
इसके बाद 4 जून और 14 जून को भी कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई, लेकिन दोनों बार प्रयास सफल नहीं हो सका। आखिरकार 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की हत्या कर दी गई।
बाली प्री-वेडिंग ट्रिप भी कराई रद्द
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट छिपा दिया था, ताकि दोनों का बाली में होने वाला प्री-वेडिंग शूट रद्द हो जाए। जांच एजेंसियां इसे भी पूरी साजिश का हिस्सा मान रही हैं।
2,000 से ज्यादा कॉल, इंटरनेट सर्च और CCTV बने अहम सबूत
जांच एजेंसियों के अनुसार, पिछले एक साल में सिया और चेतन के बीच 2,000 से अधिक फोन कॉल हुईं। इसके अलावा पुलिस को ऐसे डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिनमें हत्या के तरीके से जुड़े इंटरनेट सर्च, CCTV फुटेज, CDR, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि इन सभी सबूतों से साफ संकेत मिलता है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ अंजाम दी गई हत्या थी।
23 जून को हुई गिरफ्तारी, जांच जारी
18 जून को लोहागढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में हादसा माना गया था। लेकिन CCTV फुटेज, डिजिटल सबूत और लगातार पूछताछ के बाद पुलिस ने 23 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल दोनों पुलिस रिमांड में हैं। जांच एजेंसियां अब डिजिटल ट्रेल, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी जोड़ने में जुटी हैं।





