राम मंदिर दान मामला: अयोध्या में सभी 8 आरोपी गिरफ्तार, FIR के बाद SIT की जांच तेज

Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि में कथित अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई FIR दर्ज होने और SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद की गई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दान राशि में कथित गड़बड़ी कितने बड़े स्तर पर हुई और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
पूरे मामले की शुरुआत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत से हुई। ट्रस्ट ने दान राशि के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के सहयोगी बताए जा रहे रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कुल आठ लोगों को नामजद किया गया।
किन-किन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार?
पुलिस ने जिन आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं—
- रामाशंकर यादव (उर्फ टिन्नू)
- अनुकल्प मिश्रा
- अविनाश शुक्ला
- करुणेश पांडेय
- मनीष यादव
- लवकुश मिश्रा
- रामाशंकर मिश्रा
- सुभाष श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी)
पुलिस के अनुसार, सुभाष श्रीवास्तव मंदिर में आने वाली दान राशि की गिनती की जिम्मेदारी संभालते थे।
SIT जांच में क्या सामने आया?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। जांच टीम ने 15 से 20 जून के बीच अयोध्या में दान पेटियों, नकदी की गिनती, रिकॉर्ड, स्टोरेज, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की जांच की।
प्रारंभिक जांच में दान राशि के प्रबंधन में कई कथित अनियमितताओं के संकेत मिले, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की सिफारिश की गई।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, चोरी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
अब जांच किस दिशा में?
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गड़बड़ी केवल गिरफ्तार आठ लोगों तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था। साथ ही दान राशि की कथित हेराफेरी, पैसों के लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी और की भूमिका सामने आती है तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या राम मंदिर दान मामले में सभी आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच अहम चरण में पहुंच गई है। अब सभी की नजर SIT की विस्तृत रिपोर्ट और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।





