भारत

गुजरात-ओडिशा की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में विकसित होंगे नए छोटे बंदरगाह

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार राज्य के समुद्री और अंतर्देशीय जल परिवहन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई नई योजनाओं और सुधारों पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि सरकार परिवहन और शिपिंग विभागों को अलग करने की संभावना पर विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में परिवहन और शिपिंग विभाग एक साथ काम करते हैं, लेकिन भविष्य में शिपिंग के लिए अलग विभाग या विंग बनाया जा सकता है। इसके साथ ही राज्य में गुजरात और ओडिशा की तर्ज पर छोटे बंदरगाह (माइनर पोर्ट) विकसित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि कोलकाता को देश के वाटर मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के तहत कोलकाता देश का 18वां शहर बनेगा, जहां वाटर मेट्रो सेवा शुरू होगी। इससे शहर में जल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को यात्रा का एक नया विकल्प मिलेगा।

उन्होंने बताया कि फिलहाल देश के 17 स्थानों पर वाटर मेट्रो परियोजना संचालित हो रही है, जिनमें केरल भी शामिल है। अब कोलकाता भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनेगा।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल केंद्र सरकार के सागरमाला-2 कार्यक्रम में भी भाग लेगा। इसके तहत राज्य अगले पांच वर्षों में लगभग 22,700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

इन परियोजनाओं का मुख्य फोकस तटीय मत्स्य पालन, द्वीपों का विकास और समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत करना होगा। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जल परिवहन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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