अमेरिकी सीनेटर Tom Cotton ने ईरान की ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेटर Tom Cotton ने ईरान द्वारा हाल ही में गठित ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। सीनेटर Cotton ने बाइडन प्रशासन से आग्रह किया है कि वे उन सभी संस्थाओं पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं जो इस व्यवस्था का समर्थन कर रहे हैं।
क्या है मामला?
ईरान ने हाल ही में पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) को लॉन्च किया है। इसका दावा है कि उसके पास होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों के नियमन और शुल्क वसूली का अधिकार है। इस नए ढांचे के तहत, जहाजों को अब ट्रांजिट अनुमति के लिए PGSA में आवेदन करना होगा, स्वामित्व का खुलासा करना होगा, और कथित तौर पर प्रति जहाज 2 मिलियन डॉलर तक का भारी शुल्क देना होगा।
सीनेटर Tom Cotton की चेतावनी
सीनेटर कॉटन ने इसे एक “अवैध ढांचा” करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि PGSA सीधे तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के तहत काम करती है, जिसे अमेरिका ने एक विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया है। कॉटन का कहना है कि इस तरह से वसूला गया हर डॉलर सीधे तौर पर एक स्वीकृत आतंकवादी संस्था को वित्तपोषित कर रहा है।
टॉम कॉटन ने ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट को लिखे पत्र में जोर दिया कि अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि “ईरानी शासन को सक्षम बनाने वाले हर अभिनेता को जवाबदेह ठहराया जाए।” उन्होंने आगे कहा कि वह इस पर अतिरिक्त कानूनी शक्तियां प्रदान करने के लिए कानून तैयार कर रहे हैं, लेकिन तब तक प्रशासन को मौजूदा अधिकारों का उपयोग करके उन विदेशी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाना चाहिए जो इस मार्ग के लिए ईरान को भुगतान या सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह कदम वैश्विक व्यापार प्रणाली और समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता के लिए एक बड़ा खतरा है, जिसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एकजुट होना आवश्यक है।





