भारतीय सेना को मिली बड़ी ताकत: ‘Vayu Astra’ Loitering Munition का सफल परीक्षण, दुश्मन के ठिकानों पर करेगा सटीक प्रहार

भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में भारतीय निजी कंपनी ‘निबे लिमिटेड’ (Nibe Limited) ने ‘वायु अस्त्र’ (Vayu Astra) लोइटरिंग म्यूनिशन का ‘नो कॉस्ट नो कमिटमेंट’ (NCNC) प्रदर्शन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह स्वदेशी हथियार प्रणाली भारतीय सेना की मारक क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाएगी।
क्या है ‘Vayu Astra’ की खासियत?
वायु अस्त्र एक अत्याधुनिक लोइटरिंग म्यूनिशन है, जो दुश्मन के क्षेत्र में 100 किलोमीटर की गहराई तक सटीक हमला करने में सक्षम है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
सटीक मारक क्षमता: यह 10 किलो तक का वॉरहेड ले जाने में सक्षम है, जो नाग एंटी-टैंक मिसाइल और 155mm आर्टिलरी शेल से भी अधिक शक्तिशाली है।
दोहरा उपयोग: यह न केवल एक हमले का हथियार है, बल्कि इसे टोही (reconnaissance) मिशन के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें इनबिल्ट पैराशूट लगा है, जिससे इसे सुरक्षित रूप से वापस भी लाया जा सकता है।
बेहतर नियंत्रण: यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों में इस्तेमाल होने वाले फिक्स्ड-पाथ ड्रोन्स के विपरीत, वायु अस्त्र एक ऑपरेटर से टू-वे लिंक के माध्यम से जुड़ा रहता है। ऑपरेटर इसे किसी क्षेत्र में तब तक ‘लोइटर’ (मंडराने) का निर्देश दे सकता है जब तक कि उसे कोई उचित लक्ष्य न मिल जाए।
विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में सफल परीक्षण
वायु अस्त्र ने उत्तराखंड के जोशीमठ (मलारी) के कठिन पहाड़ी इलाकों और राजस्थान के पोखरण के रेगिस्तानी इलाकों में अपना दम दिखाया है। इन चुनौतीपूर्ण स्थितियों में सफल परीक्षण यह साबित करता है कि यह भारतीय सेना के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।
निबे लिमिटेड का यह नवाचार न केवल भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पहल को मजबूती देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय निजी क्षेत्र रक्षा तकनीक में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।





