भारत की पहली Bullet Train: रेलवे मंत्रालय ने जारी की पहली झलक, जानिए कब शुरू होगी सेवा

नई दिल्ली: भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का सपना अब हकीकत में बदलने के बेहद करीब है। रेल मंत्रालय ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर परियोजना के तहत देश की पहली Bullet Train की पहली आधिकारिक तस्वीर (First Look) जारी की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की तस्वीर को रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 के पास प्रदर्शित किया गया है, जो भारत के आधुनिक बुनियादी ढांचे की एक शानदार झलक पेश करती है।
रेलवे मंत्रालय ने भरोसा जताया है कि गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच भारत की पहली Bullet Train सेवा इसी साल (2026) शुरू हो सकती है। 508 किलोमीटर लंबा यह पूरा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर गुजरात, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरेगा, जिसमें कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं।
निर्माण कार्य में मिली बड़ी कामयाबी
परियोजना का काम बेहद तेज गति से आगे बढ़ रहा है। गुजरात सेक्शन में वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आणंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती सहित सभी आठ स्टेशनों पर फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा:
• नदियों पर पुल: कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली 17 नदी पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। नर्मदा, माही, तापी और साबरमती जैसी प्रमुख नदियों पर पुलों का काम अपने अंतिम चरण में है।
• अंडर-सी टनल और स्टेशन निर्माण: मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्टेशन पर सिविल निर्माण का काम 91% तक पूरा हो चुका है। वहीं, महाराष्ट्र में घंसोली और शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी अंडर-सी (समुद्र के नीचे) टनल का लगभग 4.8 किलोमीटर हिस्सा खोदा जा चुका है।
‘Make In India’ को रफ्तार
जापान सरकार के तकनीकी और वित्तीय सहयोग से बन रही यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक बेहतरीन उदाहरण है। इसके तहत इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) मिलकर संयुक्त रूप से स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन सेट विकसित कर रहे हैं, जो 280 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम होंगे। यह प्रोजेक्ट भारत को उन्नत रेल प्रौद्योगिकियों, सिग्नलिंग सिस्टम और रोलिंग स्टॉक निर्माण में वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाएगा।





