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महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान से बातचीत की वकालत की, RSS नेता के बयान का किया समर्थन

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह Dattatreya Hosabale  के उस बयान का पुरजोर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत और ‘पीपल-टू-पीपल’ (जनता से जनता के बीच) संपर्क को बढ़ावा देने की बात कही थी। श्रीनगर में एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का स्थायी समाधान केवल बातचीत और संवैधानिक ढांचे के दायरे में ही संभव है।

Mufti मोहम्मद सईद के विजन का दिया हवाला

Mehbooba Mufti ने याद दिलाया कि उनके पिता और पीडीपी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद हमेशा से कश्मीर के दोनों तरफ के रास्ते खोलने और पाकिस्तान, चीन व मध्य एशिया के साथ व्यापार व संपर्क बढ़ाने के पक्षधर थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि यदि वे इतिहास में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं, तो उन्हें पाकिस्तान को शामिल करते हुए कश्मीर मुद्दे का ठोस समाधान निकालना चाहिए। मुफ्ती ने 2016 में पीएम मोदी की लाहौर यात्रा और उसके बाद हुए पठानकोट हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के प्रयासों पर पाकिस्तान को भी सकारात्मक रुख दिखाना होगा।

पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने भी किया समर्थन

इस बीच, भारत के पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने भी आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबाले के रुख का समर्थन किया है। उन्होंने पीटीआई (PTI) से बातचीत में कहा कि आम जनता का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं होता। दो देशों के बीच संबंधों को सुधारने के लिए लोगों के बीच आपसी संपर्क और व्यक्तिगत दोस्ती बेहद अहम भूमिका निभाती है।

महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की कि घाटी में शांति और विश्वास बहाली के लिए महीने के अंत में आने वाली ईद से पहले राजनीतिक बंदियों को तुरंत रिहा किया जाए।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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