तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार ने जीता विश्वास मत, 144 विधायकों का मिला समर्थन

अभिनेता से राजनेता बने विजय ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में अपना पहला बड़ा राजनीतिक इम्तिहान पास कर लिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सरकार ने हाई-प्रोफाइल विश्वास मत जीतते हुए सत्ता में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को विश्वास प्रस्ताव के दौरान 144 विधायकों का समर्थन मिला। वहीं 22 विधायकों ने सरकार के खिलाफ वोट डाला, जबकि पांच सदस्य मतदान से दूर रहे।
DMK ने किया वॉकआउट
विश्वास मत से पहले विधानसभा में राजनीतिक माहौल काफी गरम रहा। विजय की मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानी जा रही DMK ने वोटिंग शुरू होने से पहले ही सदन से वॉकआउट कर दिया। पार्टी के 59 विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए।
इसके अलावा AIADMK, जिसके पास सदन में 47 सीटें हैं, ने भी वोटिंग से दूरी बनाई और abstain करने का फैसला किया।
विजय बोले- ‘व्हिसल ने इतिहास बदल दिया’
विश्वास मत जीतने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने इसे तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने कहा, “व्हिसल ने इतिहास बदल दिया।” उन्होंने यह बयान अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘व्हिसल’ का जिक्र करते हुए दिया।
विजय ने अपनी सरकार को “minority government” बताते हुए कहा कि उनकी सरकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
AIADMK में बढ़ी अंदरूनी कलह
विश्वास मत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा AIADMK के भीतर बढ़ती असहमति को लेकर हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी के निर्देशों के बावजूद AIADMK के कम से कम 25 विधायकों ने विजय सरकार के समर्थन में वोट किया।
इस cross-voting ने पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर कर दिया है और तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत दिए हैं।
विपक्ष की राजनीति पर पड़ेगा असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIADMK के भीतर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले महीनों में विपक्षी राजनीति को प्रभावित कर सकता है। वहीं विश्वास मत जीतने के बाद विजय की सरकार को फिलहाल स्थिरता मिल गई है।





