बंगाल में बड़ा सियासी उलटफेर, ममता के इस्तीफे से इनकार के बाद विधानसभा भंग

पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल आर.एन. रवि ने गुरुवार को राज्य विधानसभा को 7 मई 2026 से भंग करने का आदेश जारी कर दिया। यह फैसला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद लिया गया।
राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है। इस आदेश को आधिकारिक गजट में भी प्रकाशित किया गया है।
हाल ही में आए विधानसभा चुनाव नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 206-207 सीटों पर जीत या बढ़त हासिल कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत थी। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) सिर्फ 80 सीटों तक सिमट गई, जिससे पार्टी का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया।
चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने चुनाव परिणामों को जनता का जनादेश मानने से इनकार करते हुए इसे साजिश बताया और मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए। ममता बनर्जी ने कहा था कि वह राजभवन नहीं जाएंगी और अभी खुद को हारा हुआ नहीं मानतीं। इसके साथ ही टीएमसी ने चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती देने की बात भी कही है।
वहीं, बीजेपी और अन्य विपक्षी दल लगातार ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। विधानसभा भंग होने के बाद अब नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। तब तक मौजूदा मंत्रिपरिषद कार्यवाहक सरकार के तौर पर काम कर सकती है।




