विधानसभा उपचुनाव 2026: त्रिपुरा, गुजरात और नागालैंड में भाजपा का दबदबा, कर्नाटक में कड़ा मुकाबला

मई 2026 में हुए विभिन्न राज्यों के विधानसभा उपचुनावों के रुझानों ने भारतीय राजनीति की एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। जहाँ त्रिपुरा, गुजरात और नागालैंड में भाजपा (BJP) का पलड़ा भारी रहा, वहीं कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है।
त्रिपुरा और गुजरात में निर्णायक बढ़त
त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर भाजपा के जहर चक्रवर्ती एक बड़ी जीत की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कांग्रेस के चयान भट्टाचार्य पर लगभग 14,000 वोटों की बढ़त बनाई है। इसी तरह, गुजरात की उमरेठ सीट पर हर्षद परमार ने कांग्रेस उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान पर 26,000 से अधिक वोटों की शानदार बढ़त लेकर भाजपा के गढ़ को सुरक्षित रखा है।
कर्नाटक: स्थानीय राजनीति का मिला-जुला असर
कर्नाटक के उपचुनाव परिणामों में किसी एक पार्टी का वर्चस्व नहीं दिखा, बल्कि स्थानीय समीकरण हावी रहे:
• बागलकोट: यहाँ कांग्रेस के उमेश मेटी ने भाजपा के वीरभद्रय्या चरंतिमठ पर 9,969 वोटों की बढ़त बनाई।
• दावणगेरे दक्षिण: इस सीट पर भाजपा के श्रीनिवास टी दासकारियप्पा कांग्रेस के समर्थ मल्लिकार्जुन से 8,539 वोटों से आगे चल रहे हैं।
नागालैंड और महाराष्ट्र का परिदृश्य
नागालैंड की कोरिडांग सीट पर भाजपा के दाओचियर इमचेन एक कड़े मुकाबले में स्वतंत्र उम्मीदवार तोशिकाबा से आगे हैं। यहाँ 82.21% का भारी मतदान दर्ज किया गया। महाराष्ट्र में, बारामती से सुनेत्रा पवार और राहूरी से भाजपा के अक्षय कर्डिले सहानुभूति लहर के चलते अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे निकल गए हैं।
ये परिणाम दर्शाते हैं कि जहाँ कुछ राज्यों में सत्ताधारी पार्टी का दबदबा कायम है, वहीं कर्नाटक जैसे राज्यों में मतदाता स्थानीय उम्मीदवारों और मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं।





