Bargi Dam Boat Accident: मां-बेटे के शव साथ मिले, तेज आंधी में पलटी बोट, कई लापता

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित Bargi Dam में हुए भीषण नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तेज आंधी और खराब मौसम के बीच पलटी क्रूज बोट में सवार पर्यटकों में से कई लोग काल का शिकार हो गए। ताजा जानकारी के अनुसार, एक मां और उसके चार साल के बेटे के शव एक साथ मिले हैं, जिसने इस हादसे को और भी दर्दनाक बना दिया है।
मां ने आखिरी सांस तक बेटे को बचाने की कोशिश की
राहत और बचाव दल ने जब शवों को बरामद किया तो दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया। मां अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए थी, मानो आखिरी पल तक उसे बचाने की कोशिश कर रही हो। दोनों एक ही लाइफ जैकेट से बंधे हुए थे।
यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। हादसे में पिता और बेटी किसी तरह बच निकले, लेकिन मां और बेटा नहीं बच सके।
अचानक बदला मौसम, कुछ ही मिनटों में पलटी नाव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। नाव असंतुलित हो गई और तेजी से पानी भरने लगा।
एक जीवित बचे यात्री ने बताया कि सब कुछ पलक झपकते ही हुआ। लोगों को समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करने लगे।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई लोग अब भी लापता
प्रशासन के अनुसार अब तक 24 लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें से कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अब भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
चश्मदीद की कहानी: ‘दो घंटे तक पानी में फंसा रहा’
एक अन्य यात्री ने NDTV को बताया कि वह लगभग दो घंटे तक पानी में फंसा रहा, जहां उसका सिर ही पानी के ऊपर था। उसने कहा कि उसके आसपास लाशें तैर रही थीं और उसे लगा कि वह बच नहीं पाएगा।
बाद में रेस्क्यू टीम ने उसे देख लिया और सुरक्षित बाहर निकाला।
कैप्टन बच गया, जांच के आदेश
बताया जा रहा है कि क्रूज का कप्तान लाइफ जैकेट पहनने के कारण बच गया। अब हादसे की जांच की जा रही है कि सुरक्षा इंतजामों में कहीं लापरवाही तो नहीं हुई।
प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि खराब मौसम के बावजूद नाव को क्यों चलाया गया।
मौसम बना सबसे बड़ा कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज आंधी और अचानक बदले मौसम को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। मौसम विभाग ने पहले ही कई इलाकों में खराब मौसम की चेतावनी दी थी।
पूरे देश में शोक, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। साथ ही पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम खराब होने की स्थिति में जल परिवहन गतिविधियों को तुरंत रोक देना चाहिए था, ताकि ऐसी त्रासदी से बचा जा सके।





