“मैं डरा नहीं था…”: फायरिंग के बीच क्या हुआ, ट्रंप ने खुद बताया

Washington DC: Donald Trump ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई फायरिंग के बाद पहली बार विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें मंच से हटाया जा रहा था, तब वह डरे नहीं थे बल्कि यह समझना चाहते थे कि आखिर हो क्या रहा है।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने उस रात के घटनाक्रम को याद करते हुए कहा कि गोली चलने के बाद माहौल अचानक अफरातफरी में बदल गया था। कार्यक्रम Washington Hilton में हो रहा था, जहां बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद थे।
ट्रंप ने कहा, “मैं डरा नहीं था। हम एक अजीब दुनिया में जी रहे हैं, मुझे समझ है कि ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।” उन्होंने यह भी माना कि उनकी जिज्ञासा के कारण सुरक्षा एजेंसियों को उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाने में थोड़ी देरी हुई।
“मैं देखना चाहता था क्या हो रहा है”
ट्रंप ने बताया कि जब सुरक्षाकर्मी उन्हें नीचे झुकने और जल्दी बाहर निकलने के लिए कह रहे थे, तब वह बार-बार रुककर स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, “मैं देखना चाहता था कि क्या हो रहा है। मैं तुरंत वहां से निकलना नहीं चाहता था।”
उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने कई बार उन्हें नीचे झुकने के लिए कहा, जिसके बाद वह और फर्स्ट लेडी दोनों नीचे झुककर सुरक्षित तरीके से बाहर निकले।
इंटरव्यू में दिखा तीखा रुख
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप का रुख कुछ सवालों पर काफी तीखा भी नजर आया। जब हमलावर द्वारा लिखे गए कथित बयान का जिक्र किया गया, तो उन्होंने मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे “बीमार व्यक्ति” की बातों को सार्वजनिक मंच पर नहीं पढ़ा जाना चाहिए।
ट्रंप ने साफ कहा कि उनका ऐसे किसी आरोप से कोई संबंध नहीं है और उन्हें पहले ही इन मामलों में पूरी तरह क्लीन चिट मिल चुकी है।
इवेंट फिर से कराने की अपील
ट्रंप ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन से अपील की कि इस कार्यक्रम को रद्द न किया जाए, बल्कि जल्द दोबारा आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति की वजह से ऐसे बड़े कार्यक्रम को रोकना सही नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि यह इवेंट रद्द हो। यह गलत संदेश देता है कि एक व्यक्ति ऐसी घटना से सब कुछ रोक सकता है।”





