ईरान ने बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़, सीजफायर के बीच बढ़ा वैश्विक संकट

Washington: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा के एक दिन के भीतर ही Iran ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को बंद करने का कदम उठाया है। इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
सीजफायर समझौते के बावजूद बड़ा कदम
सीजफायर के तहत ईरान ने पहले इस अहम समुद्री मार्ग को खोलने पर सहमति जताई थी, लेकिन हालिया घटनाओं के बाद यह फैसला बदल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम उस समय उठाया गया जब Israel ने Lebanon में कुछ ही मिनटों में 100 से ज्यादा एयरस्ट्राइक किए, जिससे हालात और बिगड़ गए।
नेतन्याहू का बयान
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन साफ किया कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि इजराइल ईरान के खिलाफ हमलों में विराम देने को तैयार है, बशर्ते तेहरान समुद्री मार्ग को फिर से खोले और क्षेत्र में हमले बंद करे।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि Hezbollah के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, लेबनान में इजराइली हमलों में 100 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया
United States ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ बंद किए जाने की खबरों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने इसे “अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान इस मार्ग को “तुरंत, तेजी से और सुरक्षित तरीके से” खोलेगा।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति की अपेक्षा स्पष्ट है — इस जलमार्ग को बिना देरी के फिर से खोला जाना चाहिए।”
ट्रंप का रुख
इससे पहले ट्रंप ने लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया था और कहा था कि हिज़्बुल्लाह सीजफायर समझौते का हिस्सा नहीं है। उन्होंने PBS News से बातचीत में कहा, “उन्हें इस समझौते में शामिल नहीं किया गया था,” और लेबनान की स्थिति को “अलग संघर्ष” बताया।
वैश्विक असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है, उसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी अस्थिरता आ सकती है। यह कदम पश्चिम एशिया में चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को भी जटिल बना सकता है।
ईरान द्वारा उठाया गया यह कदम सीजफायर की नाजुक स्थिति को और कमजोर कर सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।





