चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की जनता के लिए पीएम मोदी का पैगाम: ‘सोनार बंगाल’ के सपने को करेंगे साकार

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के लोगों को संबोधित करते हुए एक भावनापूर्ण खुला पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने राज्य की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए बेहतर भविष्य का वादा किया है. हिंदी और बंगला दोनों भाषाओं में लिखे इस पत्र की शुरुआत पीएम ने मां काली के जयकारे से की.
पत्र में मोदी ने लिखा कि जो भी ‘सोनार बंगाल’ का सपना देखता है, वह आज पीड़ा में है. उन्होंने याद दिलाया कि एक समय बंगाल औद्योगिक विकास में पूरे देश में सबसे आगे था, लेकिन छह दशकों के कुशासन और तुष्टिकरण की राजनीति ने राज्य को खोखला कर दिया.
रोजगार और महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री ने राज्य के युवाओं के पलायन का मुद्दा बेबाकी से उठाया. उन्होंने कहा कि बंगाल की महान धरती के बेटे-बेटियां आज रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं, जो अत्यंत दुखद है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में माताएं और बहनें खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहीं.
अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा — “माताओं-बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, हमारे बच्चों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े और बंगाल की संस्कृति अपना खोया हुआ गौरव वापस पाए.”
CAA और घुसपैठ पर भी बोले मोदी
पीएम ने धार्मिक हिंसा के शिकार शरणार्थी भाई-बहनों को CAA के जरिए नागरिकता दिलाने का भरोसा दिया और कहा कि पश्चिम बंगाल को अवैध घुसपैठ से मुक्त कर सुशासन की राह पर लाना उनका लक्ष्य है.
केंद्र की योजनाओं का लाभ पहुंचा: मोदी
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीब तबके के लिए चलाई गई योजनाओं के सकारात्मक नतीजे आए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के असहयोग के बावजूद केंद्र की योजनाओं का फायदा बंगाल के लाखों लोगों तक पहुंचा है.
पत्र के अंत में मोदी ने आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि इन चुनावों पर बंगाल की अगली पीढ़ी का भविष्य निर्भर करता है. उन्होंने बंगाल की महान विरासत और यहां की विभूतियों को नमन करते हुए ‘सोनार बंगाल’ बनाने के संकल्प के साथ पत्र समाप्त किया.





