सोना तस्करी मामले की आरोपी रान्या राव के पिता रामचंद्र राव निलंबित, ऑफिस के अश्लील वीडियो वायरल

बेंगलुरु: कर्नाटक में डीजीपी रैंक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रामचंद्र राव को एक विवादित वीडियो सामने आने के बाद सेवा से निलंबित कर दिया गया है. राव सोना तस्करी के एक हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी रान्या राव के पिता हैं. इस घटनाक्रम ने पूरे राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल पैदा कर दी है.
वीडियो में क्या है?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में राव को कथित रूप से उनके सरकारी कार्यालय में वर्दीधारी अवस्था में कई महिलाओं के साथ अनुचित स्थिति में दिखाया गया है. सूत्रों के अनुसार, ये दृश्य डीजीपी कार्यालय परिसर में गुप्त तरीके से रिकॉर्ड किए गए प्रतीत होते हैं.
वीडियो क्लिप में अलग-अलग समय पर विभिन्न पोशाकों में महिलाएं नजर आती हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि ये घटनाएं एक से अधिक अवसरों पर हुई हो सकती हैं. हालांकि, फिलहाल किसी भी महिला की ओर से जबरदस्ती या दबाव का कोई आरोप सामने नहीं आया है.
राव का पलटवार: “मुझे जानबूझकर फंसाया जा रहा है”
निलंबन के बाद रामचंद्र राव ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने वीडियो को कृत्रिम और तकनीकी रूप से छेड़छाड़ किया हुआ (मॉर्फ्ड) बताते हुए दावा किया कि उन्हें षड्यंत्र का शिकार बनाया जा रहा है.
इंडिया टुडे को दिए गए बयान में राव ने कहा, “मैं लगभग 8 वर्ष पहले बेलगावी में तैनात था, यह बहुत पुरानी बात है. हमने अपने कानूनी सलाहकार से परामर्श कर लिया है और उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है. यह पूरी तरह से झूठा और गढ़ा हुआ वीडियो है.”
उन्होंने आगे कहा, “बिना उचित जांच के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता. मुझे नहीं पता कि वास्तव में कुछ हुआ है या नहीं, लेकिन इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.”
सोना तस्करी का मामला
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राव की बेटी रान्या राव पहले से ही एक सोना तस्करी के मामले में आरोपी के रूप में जांच के दायरे में हैं. इस नए घटनाक्रम ने पूरे मामले को और जटिल बना दिया है.
राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से राव को निलंबित करते हुए जांच के आदेश दिए हैं. विपक्षी दलों ने इस मामले में पारदर्शी और तेज जांच की मांग की है.
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जांच एजेंसी वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक परीक्षण करेगी या नहीं.





