
दिल्ली एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार के चलते एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने मंगलवार को Stage-IV के कड़े उपायों को वापस लेने की घोषणा की। हालांकि, कमीशन ने स्पष्ट किया कि Stage I, II और III के तहत की जाने वाली रोकथाम और नियामक कार्रवाई अब भी लागू रहेंगी और इन्हें 21 नवंबर 2025 के संशोधित ढांचे के अनुसार कड़ाई से लागू करना आवश्यक है।
यह निर्णय 13 दिसंबर 2025 को जारी किए गए पहले आदेश को रद्द करता है, जिसमें वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 के ‘severe+’ स्तर से ऊपर जाने पर सबसे कड़ी पाबंदियां लगाई गई थीं। Stage-IV की आपातकालीन पाबंदियों को हटाए जाने के बावजूद, दिल्ली सरकार स्थानीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास बढ़ा रही है। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) अब राजधानी में तैनात अपने 200 एंटी-स्मॉग गन के दैनिक प्रदर्शन की रिपोर्ट तैयार करेगा।
इन मशीनों को 11 ज़ोन में आठ-घंटे की शिफ्ट में चलाया जाएगा। साथ ही, एक नया रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, जो पानी के छिड़काव और मशीनों की कार्यक्षमता को ट्रैक करेगा। PWD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विभाग ने डिजिटल मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म स्थापित करने के लिए टेंडर जारी किया है, जो वास्तविक छिड़काव गतिविधियों की जांच करेगा, जवाबदेही सुनिश्चित करेगा और पानी की खपत को भी ऑप्टिमाइज़ करेगा।
साथ ही, विभाग को साप्ताहिक रिपोर्ट भी जमा करनी होगी, जिसमें खराब वाहनों, कुल छिड़काव घंटे, PWD सड़कों पर दूरी, ज़ोन-वाइज कवरेज और रूट मैप शामिल होंगे। हालांकि हाल के सुधार देखे गए हैं, लेकिन दिल्ली की वायु गुणवत्ता अभी भी नाजुक बनी हुई है। मंगलवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का AQI 336 दर्ज किया गया, जो कि ‘बहुत खराब (Very Poor)’ श्रेणी में आता है।





