दिल्ली-एनसीआर में डेंगू से पहली मौत, मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा

दिल्ली-एनसीआर में मानसून के बाद का मौसम एक बार फिर से स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है। राजधानी में इस सीजन की पहली डेंगू से मौत दर्ज की गई है। मृतक की पहचान 48 वर्षीय आशीष भाटी के रूप में हुई है, जो नोएडा अथॉरिटी के इंस्टीट्यूशनल डिपार्टमेंट में असिस्टेंट जनरल मैनेजर थे। उनकी मौत दिल्ली के अपोलो अस्पताल में हुई।
दिल्ली नगर निगम (MCD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच सिर्फ एक हफ्ते में 81 नए डेंगू, 60 मलेरिया और 14 चिकनगुनिया के मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही इस साल अब तक दिल्ली में कुल 840 डेंगू और 431 मलेरिया के केस दर्ज किए जा चुके हैं। खास बात यह है कि मलेरिया के मामलों में बीते वर्षों की तुलना में भारी उछाल आया है। 2021 में जहां सितंबर तक सिर्फ 66 मलेरिया केस थे, वहीं इस साल यह आंकड़ा पांच गुना से ज्यादा बढ़ चुका है।
बीते कुछ वर्षों में डेंगू के मामले भी लगातार चिंता का कारण बने हैं। 2024 में अब तक 6,391 डेंगू केस दर्ज हुए हैं, जबकि 2023 में यह संख्या 9,266 थी। 2022 में 4,469 और 2021 में 9,613 केस सामने आए थे। यह साफ संकेत है कि मानसून के बाद का समय हर साल डेंगू और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील बनता जा रहा है।
बढ़ते मामलों को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी ने एक महीने का फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान शुरू किया है। यह अभियान खासकर उन इलाकों में चलाया जा रहा है, जहां बारिश का पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की आशंका है। अधिकारी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने घर और आसपास की जगहों को सूखा व साफ रखें, ताकि मच्छरों की रोकथाम की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यह हालिया वर्षों में सबसे गंभीर वेक्टर जनित रोगों में से एक प्रकोप है, और इससे बचाव के लिए सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है।





